उतुरी में बेसन का पैकेट तैयार करतीं महिलाएं।-स्रोत एनआरएलएम
सुल्तानपुर। दूबेपुर विकासखंड के उतुरी गांव की महिलाओं द्वारा तैयार मसाले, दाल और बेसन अब घर-घर की पसंद बन रहे हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत शुरू हुआ यह लघु उद्योग अब हर महीने करीब ढाई लाख रुपये का कारोबार कर रहा है। इस सफलता ने ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी है।
करीब 20 महीने पहले शिक्षा प्रेरणा महिला संकुल संघ के माध्यम से इस उद्योग की नींव रखी गई थी। शुरुआती चुनौतियों के बाद महिलाओं ने उत्पादों की गुणवत्ता पर ध्यान दिया, जिससे आज उनके मसाले और बेसन की मांग बढ़ गई है।उत्पादन इंचार्ज शिवकुमारी के अनुसार, बेहतर क्वालिटी सुनिश्चित करने के बाद 45 महिलाओं को उन्नति दीदी के रूप में बिक्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये महिलाएं गांवों और स्थानीय दुकानों तक उत्पाद पहुंचा रही हैं।
जिला मिशन प्रबंधक नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि बेसन और मसालों को अलग-अलग वजन के पैकेटों में बाजार में उतारा गया है। बिक्री से मिलने वाले कमीशन से महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधर रही है। कारोबार की सफलता को देखते हुए अब इसे पूरे जिले में विस्तार देने की योजना है।
सशक्त नारी, समृद्ध परिवार
जो महिलाएं पहले केवल घर तक सीमित थीं, वे अब गांवों और बाजारों में आत्मविश्वास के साथ अपने उत्पाद बेच रही हैं। मिशन से जुड़ने के बाद उनकी आमदनी बढ़ी है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आया है।