सुल्तानपुर। विधानसभा चुनाव में आचार संहिता उल्लंघन करने के मामले में आरोपित सपा नेता ने बृहस्पतिवार को स्पेशल जज एमपी-एमएलए पीके जयंत की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने सपा नेता की जमानत अर्जी मंजूर कर रिहा करने का आदेश दिया है। मामला लंभुआ कोतवाली से जुड़ा है।
समाजवादी पार्टी ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन सपा विधायक संतोष पांडेय को उम्मीदवार बनाया था। आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान छह जनवरी 2017 को सपा के लंभुआ ब्लॉक अध्यक्ष सत्यपाल यादव ने लंभुआ कस्बे में बिना अनुमति के जुलूस निकालकर संतोष पांडेय के समर्थन में नारेबाजी करते हुए पटाखे फोड़े थे।
लंभुआ के तत्कालीन कोतवाल चंद्रशेखर सिंह ने आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में सपा ब्लॉक अध्यक्ष सत्यपाल यादव समेत 30-40 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में पुलिस ने विवेचना में सपा विधायक संतोष पांडेय, समाजवादी प्रबुद्घ महासभा के तत्कालीन प्रदेश उपाध्यक्ष नवल किशोर मिश्र समेत कई लोगों को आरोपित करते हुए उनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
इसी मामले में बृहस्पतिवार को समाजवादी प्रबुद्घ महासभा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष नवल किशोर मिश्र ने स्पेशल जज एमपी-एमएलए पीके जयंत की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता सुभाष चंद्र तिवारी ने बताया कि कोर्ट ने सपा नेता की जमानत अर्जी मंजूर कर रिहा करने का आदेश दिया है।