सुल्तानपुर। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में आचार संहिता उल्लंघन करने के मामले में आरोपित सपा के लंभुआ विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष ने शनिवार को स्पेशल जज एमपी-एमएलए पीके जयंत की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने सपा नेता की जमानत अर्जी मंजूर कर रिहा करने का आदेश दिया है। मामला लंभुआ कोतवाली से जुड़ा है।
समाजवादी पार्टी के लंभुआ विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष सत्यपाल यादव व 30-40 अज्ञात के खिलाफ लंभुआ के तत्कालीन कोतवाल चंद्रशेखर सिंह ने छह जनवरी 2017 को आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में केस दर्ज कराया था।
आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान सपा के लंभुआ विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष सत्यपाल यादव ने लंभुआ कस्बे में बिना अनुमति के जुलूस निकालकर सपा विधायक संतोष पांडेय के समर्थन में नारेबाजी करते हुए पटाखे फोड़े थे।
विवेचना में पुलिस ने सत्यपाल यादव के साथ ही सपा विधायक संतोष पांडेय, समाजवादी प्रबुद्घ महासभा के तत्कालीन प्रदेश उपाध्यक्ष नवल किशोर मिश्र समेत कई लोगों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
शनिवार को सपा के लंभुआ विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष सत्यपाल यादव ने स्पेशल जज एमपी-एमएलए पीके जयंत की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद सपा नेता की जमानत अर्जी मंजूर कर रिहा करने का आदेश दिया है।
स्पेशल जज एमपी-एमएलए पीके जयंत की कोर्ट ने सपा विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष सत्यपाल यादव व समाजवादी प्रबुद्घ महासभा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष नवल किशोर मिश्र के खिलाफ शनिवार को आरोप (चार्ज) तय किया है।
कोर्ट ने सपा के पूर्व विधायक संतोष पांडेय समेत अन्य आरोपियों की हाजिरी माफी की अर्जी मंजूर कर ली है। अधिवक्ता सुभाष चंद्र तिवारी ने बताया कि अदालत ने केस दर्ज कराने वाले लंभुआ के पूर्व कोतवाल चंद्रशेखर सिंह को गवाही के लिए तलब किया है।