सुल्तानपुर। स्थायी लोक अदालत के चेयरमैन राधेश्याम यादव, सदस्य मृदुला राय व रमेश चंद्र यादव ने दिवंगत पर्सनल लोन धारक के पुत्र के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने ऋणधारक के पुत्र के हक में एसबीआई बीमा कंपनी को 10 लाख रुपये व एसबीआई को 60 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति का आदेश दिया है। साथ ही मानसिक-शारीरिक व वाद व्यय के लिए 20 हजार रुपये एक माह के भीतर अतिरिक्त अदा करना होगा।
खैराबाद निवासी परिवादी सोनू कुमार ने स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया था। आरोप के मुताबिक, उनके पिता रामफूल ने भारतीय स्टेट बैंक से 10 लाख रुपये का पर्सनल लोन लिया था। लोन पर एसबीआई बीमा कंपनी से पॉलिसी भी कराई थी। परिवादी के मुताबिक पिता रामफूल की 11 अगस्त 2023 को अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। फिलहाल, उनके शव का पंचायतनामा व पोस्टमार्टम नहीं कराया गया था।
पिता की मृत्यु के बाद बैंक की तरफ से किस्त जमा करने व बकाया धनराशि वसूली के लिए उनसे संपर्क किया गया तो उन्हें पिता के ऋण लेने की जानकारी मिली। उन्हें अपने पिता के पर्सनल ऋण संबंधी कुछ कागजात मिले। पता चला कि उनके पिता ने लिए गए पर्सनल लोन पर बीमा भी कराया था। जब उसने बीमा कवर मांगा तो कंपनी ने मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने स्थायी लोक अदालत की शरण ली। संवाद