सुल्तानपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा में सफलता का परचम लहराने वाले विद्यार्थियों ने भविष्य के लिए संंजोए गए अपने सपने बताए। मेधावियों ने इस सफलता से प्रेरित होकर अब अपना आगे का लक्ष्य भी तय कर लिया है। कलेक्टर, डॉक्टर, इंजीनियर व शिक्षक बनने का ख्वाब लेकर विद्यार्थियों ने देश और देशवासियों की सेवा करने की ठानी है।
डॉक्टर बनकर करेंगे देश की सेवा
इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिले में टॉप करने वाली छात्रा अपर्णा सिंह जयसिंहपुर विकासखंड के भीखूपुर गांव के किसान कृष्णदेव सिंह की पुत्री हैं। उनकी मां माया सिंह गृहणी हैं। दो बहन व एक भाई में वह सबसे बड़ी हैं। अपर्णा ने बताया कि गुरुजनों के सहयोग और मेहनत के बल पर उसे सफलता मिली है। वह डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती हैं। अपर्णा ने बताया कि वह रोज चार से पांच घंटे पढ़ाई करती थीं।
दीपिका की आईएएस बनने की तमन्ना
इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में जिले में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली रणवीर राजकुमार इंटर कॉलेज वरवारीपुर की छात्रा दीपिका भारती ने अपनी सफलता का श्रेय गुरुजनों एवं माता-पिता को दिया है। वह लगभग सात घंटे प्रतिदिन अध्ययन करती थीं। उसके पिता रामकिशुन किसान व माता सुमन देवी गृहणी हैं। यह भविष्य में आईएएस बनना चाहती हैं।
आईएएस बन लोगों की सेवा करने की ख्वाहिश
यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में जिले में दूसरा स्थान पाने वाली क्षेत्र के श्रीमती शोभावती देवी इंटर कॉलेज रघुनाथनगर घाटमपुर की इंटर की छात्रा रागिनी राजभर के पिता नन्हेलाल पेशे से किसान हैं। उन्होंने बताया कि वह रोज पांच से छह घंटे पढ़ती थीं। भविष्य में वह आईएएस बनकर लोगों की सेवा करना चाहती है।
शिक्षिका बनना चाहती है श्वेता
यूपी बोर्ड की इंटर की परीक्षा में जिले में तीसरा स्थान पाने वाली तहसील क्षेत्र के स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज गोपालपुर मधैया की छात्रा श्वेता मिश्रा ने बताया कि वह स्कूल के बाद पांच से छह घंटे पढ़ाई करती थीं। वह अपना आदर्श अपनी मम्मी व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मानती हैं। उसकी रुचि आर्ट में है, सोशल मीडिया को अच्छा और खराब भी मानती हैं। वह शिक्षक बनना चाहती है।
अब आईएएस बनना है लक्ष्य
हाईस्कूल की परीक्षा में जिले में टॉप करने वाली छात्रा खुशी मिश्रा प्रतिदिन सात से आठ घंटे पढ़ती थीं। उसने कहा कि वह भविष्य में आईएएस बनकर समाज सेवा करना चाहती है। यही उनका लक्ष्य है। इनके पिता मनोज कुमार मिश्र नौकरी करते हैं। माता गीता देवी गृहणी हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिजनों व गुरुजनों को दिया है।
जेईई पास कर करेंगे रोजगार का सृजन
मोतिगरपुर क्षेत्र के बढ़ौनाडीह (पांडेबाबा बाजार) निवासी व्यापारी दीपक बरनवाल व मंजू बरनवाल के बड़े बेटे आयुष बरनवाल ने हाईस्कूल परीक्षा में जिले में टॉप किया है। आयुष ने बताया कि उसने कोचिंग नहीं की थी। अब उनका लक्ष्य जेईई की परीक्षा उत्तीर्ण करना है। जिससे वह देश में रोजगार देने की दिशा में काम कर सकें। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता व गुरुजनों को दिया है।
श्रेया बनना चाहती हैंं इंजीनियर
कादीपुर क्षेत्र के बरवारीपुर गांव निवासी दवा कंपनी में काम करने वाले दीपक पाठक की पुत्री श्रेया पाठक ने हाईस्कूल परीक्षा में जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। श्रेया की मां मीनाक्षी पाठक गृहणी हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय गुरुजनों व परिजनों को दिया है। वह लगभग सात घंटे पढ़ती थी। वह भविष्य में आईआईटी से इंजीनियर बनना चाहती हैं।