सुल्तानपुर। इंटर में सिर्फ 45 फीसदी अंक आए थे। बचपन से ही मन में डॉक्टर बनने का सपना था। मेरी सफलता के रास्ते में कम अंक कभी भी बाधा नहीं बने। इंटर के बाद गया डिग्री कॉलेज बिहार में बीएससी में एडमिशन लिया। साथ में एमबीबीएस की तैयारी शुरू की। दो बार असफल भी हुआ।
तीसरे प्रयास में सफलता मिली। एमबीबीएस की प्रवेश परीक्षा में मेरा चयन हुआ। इस दौरान मैंने अपने प्रयास में कोई कसर नहीं छोड़ी। आखिकार सपना सकार हुआ। ये बातें मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ़ एसके गोयल ने बताईं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को कभी भी कम अंक आने पर घबराना व दबाव में नहीं आना चाहिए। दोबारा से सफलता के लिए अपना पूर्ण प्रयास करना चाहिए। समय भले की लगे पर मेहनत से सपने साकार जरूर होंगे।
हमेशा करें प्रयास, सफलता जरूर मिलेगी : डॉ़ सबाहुद्दीन
मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विशेषज्ञ ने दिए सुझाव
सुल्तानपुर। मेहनत व लगन के अनुकूल परीक्षा परिणाम नहीं आए तो विद्यार्थियाें को परेशान होने की जरूरत नहीं। हमेशा करें प्रयास, सफलता जरूर मिलेगी। कई बार ऐसा होता है कि किए गए प्रयास के अनुरूप हमें सफलता नहीं मिलती। ऐसे में विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखना है। ये बातें मेडिकल कॉलेज के मनोराेग विशेषज्ञ डॉ़ सबाहुद्दीन ने यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए कहीं।
उन्होंने कहा कि हमारे समाज में कई ऐसे उदाहरण हैं जो कि परीक्षा में फेल हुए या फिर अच्छे अंक नहीं लाए फिर भी जीवन मेें सफल हुए हैं। इसलिए परीक्षा सिर्फ एक पड़ाव है। अभिभावक भी बच्चों को प्रोत्साहित करें। उन्हें तनावमुक्त रखें। अपने बच्चों की तुलना अन्य बच्चों से न करें।