सुल्तानपुर। पंचायतराज निदेशालय की ओर से कराई गई जांच में 155 ग्राम पंचायतों में स्थापित सोलर व स्ट्रीट लाइटों की स्थापना में गड़बड़ी मिलने के बाद मामला गरमा गया है। सीडीओ ने प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए उप जिलाधिकारियों के नेतृत्व में टीम का गठन कर दिया है।
टीम सभी 986 ग्राम पंचायतों में स्थापित सोलर व स्ट्रीट लाइटों की जांच करेगी। सीडीओ के निर्देश के बाद ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिवों में खलबली मची है।
पिछले माह पंचायतराज निदेशालय की ओर से कराई गई जांच में 155 ग्राम पंचायतों में सोलर व स्ट्रीट लाइट स्थापना में गड़बड़ी पाई थी। इन ग्राम पंचायतों में करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये से सोलर व स्ट्रीट लाइट की स्थापना की गई है।
स्थापना में मानक का ध्यान नहीं दिया जाना पाया गया है। साथ ही अन्य खामियां पाई गई हैं। निदेशालय की जांच में गड़बड़ी मिलने पर प्रकरण गरमा गया है। निदेशालय की रिपोर्ट मिलते ही इन ग्राम पंचायतों से रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही मुुख्य विकास अधिकारी रमेश प्रसाद मिश्र ने जिले की सभी 986 ग्राम पंचायतों में स्थापित सोलर व स्ट्रीट लाइट की जांच के निर्देश दिए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायतों में स्थापित सोलर व स्ट्रीट लाइटों की जांच के लिए संबंधित उप जिलाधिकारियों के नेतृत्व में टीम गठित कर दी है। टीम में संबंधित ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी को भी रखा गया है।
सीडीओ के निर्देश के बाद ग्राम प्रधानों व पंचायत सेक्रेटरियों में खलबली मची है। सूत्रों के मुताबिक अधिकांश ग्राम पंचायतों में सोलर व स्ट्रीट लाइटों की स्थापना में मानक व शासन से अधिकृत संस्था का ध्यान नहीं रखा गया है। पंचायतों में बाजारों से खरीदकर मानकविहीन सोलर लाइट स्थापित करवा दी गई है। इसे देखते हुए सभी पंचायतों में बड़ी गड़बड़ी मिलने की आशंका जताई जा रही है।
निदेशक पंचायतीराज की ओर से कराई गई जांच में कुल 155 ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी मिली थी। इसमें अखंडनगर की चार, बल्दीराय की नौ, भदैंया की चार, धनपतगंज की सात, दोस्तपुर की 14, दूबेपुर की 23, जयसिंहपुर की चार, कादीपुर की 19 ग्राम पंचायतों से रिपोर्ट मांगी है।
इसके साथ ही करौंदीकलां की दो, कूरेभार की 13, कुड़वार की 13, कुड़वार की 13, लंभुआ की 22, मोतिगरपुर की 14 व प्रतापपुर कमैचा की सात ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
मुख्य विकास अधिकारी रमेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि उप जिलाधिकारियों के नेतृत्व में जांच टीम का गठन कर दिया गया है। टीम से सभी गांवों की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई होगी।