सुल्तानपुर। विवाहिता को प्रताड़ित करने और दहेज हत्या के आरोप से जुड़े मामले में आरोपी सास जसवंता व ससुर किशन की ओर से प्रस्तुत जमानत अर्जी पर फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम विजय कुमार गुप्ता की अदालत में बहस हुई। रविवार को सामने आए आदेश में अदालत ने आरोपी सास-ससुर की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
अमेठी जिले के बाजार शुकुल थाने के दूधाधारी मजरे किसनी निवासी आरोपी हितलाल के साथ अयोध्या जिले के बाबा बाजार के बनिया का पुरवा मजरे कसारी निवासी वादी दलबहादुर ने अपनी पुत्री करिश्मा की वर्ष 2021 में शादी की था। वादी ने 18 मई को कोर्ट के माध्यम से बाजार शुकुल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वादी के मुताबिक दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर ससुराली जन उनकी पुत्री को प्रताड़ित करते थे। आरोप है कि सात अप्रैल को उनकी पुत्री की हत्या कर दी गई थी। वारदात को दुर्घटना का रूप देने के लिए आरोपियों ने साजिश रची थी।
वादी ने आरोपी पति हितलाल, सास जसवंता,ससुर किशन व ननद शांति देवी को आरोपी बनाते हुए कोर्ट में अर्जी दी थी। विवेचना के दौरान पति के अलावा अन्य आरोपी ससुरालीजन की भूमिका संदिग्ध मिली। इस पर उन्हें पुलिस ने आरोपी बनाया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी ससुरालीजन को जेल भेजने की कार्रवाई की थी।