लंभुआ (सुल्तानपुर)। गोमती नदी के किनारे स्थित खुनशेखपुर ग्राम पंचायत के गोआश्रय स्थल में कई गोवंशों का कंकाल मिलने का वीडियो वायरल हुआ है। बीडीओ व ग्राम पंचायत सचिव ने सभी कंकालों को दफन करा दिया। कई दिनों से इस तरह के मामले सामने आने से नाराज राष्ट्रीय गोरक्षा वाहिनी सेवा संघ ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्राम पंचायत में संचालित बड़े गोआश्रय स्थल के पास कई गोवंशों के कंकाल इधर-उधर बिखरे होने का फोटो व वीडियो क्षेत्र में सुबह से वायरल होने लगा। गोवंशों के कंकाल से बदबू आ रही थी। ग्रामीणों के मुताबिक गोआश्रय स्थल में संरक्षित पशुओं की मौत हो रही है और केयरटेकर उन्हें दफनाने के बजाय इधर-उधर फेंक दे रहे हैं।
खबर मिलने पर ग्राम पंचायत अधिकारी शत्रुघ्न पांडेय व बीडीओ ज्ञानेंद्र मिश्र ने ट्रैक्टर व मजदूर बुलाकर गोवंश के बिखरे कंकाल को दफन करवा दिया। इसके साथ ही इस मामले में दो केयरटेकरों उदय सिंह व राम अनुज की सेवा भी समाप्त कर दी जबकि बाकी चार को कठोर चेतावनी दी गई है।
बीडीओ ने बताया कि इसमें से कोई भी जानवर गोशाला का नहीं है। खुनशेखपुर लोटिया और मदनपुर देवरार के प्रधानों ने लिखित रूप से यह कहा है कि उनके गांव के लोगों ने यहां पर अपने जानवरों के शव फेंके हैं। उन्होंने कहा कि केयरटेकरों पर कार्रवाई इसलिए की गई है क्योंकि उन्होंने गोशाला के पास शव फेंकने से नहीं रोका।
यदि शव फेंके गए तो उन्हें दफनाने का समय पर इंतजाम किया जाना चाहिए था। इस बारे में ग्रामीणों को भी आगाह किया गया है कि वे खुले में शव न फेंके। देर शाम मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक तिवारी ने भी मौके का मुआयना किया।