सुल्तानपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद चर्चा में आए रामचेत ने मंगलवार को डीएम कृत्तिका ज्योत्स्ना से मुलाकात की। रामचेत ने डीएम से कहा, साहब! हमरे पास कउनव सरकारी सुविधा नाय अहय। एक राशन कार्ड मिला रहा, अब नाम कटि गा बा। एक टूटी-फूटी झोपड़ी अहय, वही मा गुजर बसर करत हयी। रामचेत की व्यथा सुनकर डीएम ने उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
दरअसल, 26 जुलाई को राहुल गांधी लखनऊ लौट रहे थे, तभी कूरेभार के विधायकनगर चौराहे पर उन्होंने अपनी गाड़ी रोकी और गुमटी में जूते-चप्पल बनाने वाले रामचेत के पास जाकर बैठ गए। उनसे बातचीत की और परेशानी समझी। अगले ही दिन राहुल गांधी की टीम ने रामचेत को एक सिलाई मशीन दी। उपहार स्वरूप रामचेत ने भी अपने हाथों से बनाए गए दो जोड़ी जूते राहुल गांधी को भेेंट करने के लिए दिए। सोमवार को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होेंने रामचेत की ओर से भेजे गए जूते पहनकर रामचेत की तारीफ की। राहुल गांधी ने फोन कर रामचेत से हालचाल भी लिया।
राहुल गांधी ने पहना रामचेत का बनाया जूता
मोची रामचेत ने बताया कि सोमवार को राहुल भइया का फोन आया था। उन्होंने हालचाल पूछा और कोई समस्या होने पर फोन करने को कहा। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि राहुल गांधी ने उनके बेटे के मोबाइल पर जूता पहने हुए वीडियो भेजा है, जिसमें वह काला जूता पहने हुए दिख रहे हैं।