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नामी-गिरामी कव्वालों ने बांधा समां

Tue, 29 Mar 2016 10:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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कव्वालों ने समां बांधा - फोटो : अमर उजाला
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विंदेश्वरीगंज  के पटैला गांव में स्थित बाबा शहीद मर्द की मजार पर चल रहे तीन दिवसीय सालाना उर्स का सोमवार को खत्म हो गया। दूरदराज से आए जायरीनों ने मजार पर मत्था टेक मनौती पूरी होने की कामना की। घुड़दौड़ प्रतियोगिता में प्रतापगढ़ के भुल्लन के घोड़े ने बाजी मारी। नामचीन कव्वालों ने अपनी कव्वाली के जरिए सोमवार की पूरी रात महफिल में समां बांध दिया।
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बल्दीराय विकास क्षेत्र के पटैला गांव में सोमवार को तीन दिवसीय बाबा शहीद मर्द की मजार पर सालाना उर्स व जश्न-ईद-मिलादुन्नबी का समापन हो गया। उर्स के पहले दिन शनिवार को कुरानख्वानी और गुस्ल का आयोजन हुआ। रात्रि में आयोजित इस्तिमा में हजारों महिलाओं ने हिस्सा लिया। उर्स के दूसरे दिन रविवार को घुड़दौड़ प्रतियोगिता हुई। इसमें बाराबंकी, जौनपुर, प्रतापगढ़, इलाहाबाद, रायबरेली, लखनऊ, फैजाबाद, सुल्तानपुर समेत कई जिलों के घुड़सवारों ने हिस्सा लिया।

प्रतापगढ़ जिले के भुल्लन के घोड़े को प्रथम व इलाहाबाद के नन्हें खां के घोड़े को दूसरा स्थान मिला। रात्रि में ईद मिलादुन्नबी (जलसे) का आयोजन हुआ। गुजरात से आए अब्दुल्ला हशमती ने जलसे की शुरुआत तिलावते कुरआन पाक से की। उर्स के अंतिम दिन सोमवार को दिन भर लंगर-ए-आम का कार्यक्रम चला। रात में कव्वाली का आयोजन किया गया। मशहूर कव्वाल यूसुफ मलिक साबरी, नैनीताल, सरफराज चिश्ती, दिल्ली, अजीम नाजा, मुंबई, परवीन रंगीली, मुंबई ने कव्वाली पेश कर लोगों को रात भर जागने को विवश कर दिया।
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उर्स मुबारक में मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, बंगाल, राजस्थान, अजमेर शरीफ समेत कई जगहों के जायरीनों ने बाबा की मजार पर सिन्नी व चादर चढ़ाकर मन्नते मांगी। उर्स का आयोजन बाबा सैय्यद मीर शाह मुंबई वाले के तत्वावधान में किया गया। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह, शिवकुमार सिंह, डॉ. नफीस, मासूम खां, पूर्व प्रधान निसार अहमद, महताब, सुशील, मुस्तकीम, अकरम समेत हजारों जायरीन मौजूद रहे।
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