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Sultanpur News: फर्श पर दम तोड़ रहा बीमार सिस्टम, मरीज लाचार

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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में फर्श पर बैठे मरीज। 
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सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज में बीमार सिस्टम के आगे मरीज लाचार हैं। यहां के पुरुष अस्पताल की ओपीडी में मरीज और तीमारदार फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। महिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदार रैंप की रेलिंग पर खतरनाक तरीके से लेटकर समय बीतने को मजबूर हैं।
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हालांकि यहां पर गार्ड भी हैं, फिर भी इन्हें कोई नहीं रोकता। शुक्रवार को जब अमर उजाला ने पड़ताल की तो कुछ इस की तस्वीर दिखाई दी।
मौसम परिवर्तन से अस्पताल में मरीजों की संख्या में डेढ़ गुना बढ़ोत्तरी हुई है। मरीजों की भीड़ बढ़ने से व्यवस्था धड़ाम हो गई है। सबसे खराब हालत आर्थों, पल्मोनरी, मेडिसिन विभाग की है। एक डॉक्टर की ड्यूटी लगने के चलते मरीजों की लंबी कतारें लग जाती हैं। ओपीडी के बरामदे में बाहर बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है।
शुक्रवार को राहुल नगर से आईं कमला सिंह ने बताया कि उन्हें मेडिसिन विभाग में डॉक्टर तक पहुंचने में एक घंटे का समय लगा। शरीर में दर्द से फर्श पर ही बैठकर अपनी बारी का इंतजार किया। अमरेमऊ के राम प्रताप ने बताया कि उनका पैर फ्रैक्चर है। ज्यादा देर खड़ा नहीं रह सकता था, फर्श पर बैठकर डेढ़ घंटे इंतजार के बाद हड्डी रोग विशेषज्ञ को दिखा सका।
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महिला अस्पताल में रैंप की रेलिंग पर लेटते तीमारदार
महिला अस्पताल की स्थिति और भी खराब है। यहां भर्ती मरीजों के तीमारदारों को अंदर बरामदे में बैठने को पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ऐसी स्थिति में वह सीढ़ी के पास फर्श पर बैठकर समय बिताते हैं। इसके अलावा रैंप की रेलिंग पर लेटकर आराम भी करने लगते हैं। समुदा के राम विशाल यादव ने बताया कि उनकी बहू तीन दिनों से भर्ती है। बैठने की जगह नहीं है तो, रैंप की रेलिंग पर बैठकर आराम कर लेते हैं।



बेहतर स्वास्थ्य लाभ देने का प्रयास
मेडिकल कॉलेज मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ देने के लिए प्रयासरत है। भीड़ अधिक होने के कारण कभी-कभी जगह कम पड़ जाती है। प्रयास किया जाएगा कि मरीजों को बेहतर इलाज के साथ-साथ बैठने की उचित व्यवस्था मिले।
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-डॉ.सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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