सुल्तानपुर। त्योहारों के सीजन में जिले में घरेलू गैस की किल्लत बढ़ गई है। धनपतगंज, कुड़वार समेत अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोग ज्यादा परेशान हैं। लोग रिफिल लेने के लिए भोर में ही लाइन में लग जा रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों ने अभी तक गैस की किल्लत दूर करने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं बनाई है। आपूर्ति विभाग की ओर से समस्या दूर करने को गैस कंपनियों को पत्र भेजा गया है।
जिले में घरेलू गैस के 4,22,009 कनेक्शनधारक हैं। इनमें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 1,85,207 उपभोक्ता भी शामिल हैं। जिले के शहरी क्षेत्र समेत ग्रामीण इलाकों को मिलाकर हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम व इंडेन की कुल 46 एजेंसियां हैं।
इनसे उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की जा रही है। पिछले दिनों उन्नाव में गैस रिफाइनरी में आग लग जाने के कारण जिले में घरेलू गैस की आपूर्ति कम हो गई है। इससे उपभोक्ताओं को समय से रिफिल नहीं मिल पा रही है।
त्योहार के सीजन में इन दिनों गैस की खपत बढ़ गई है जिससे उपभोक्ताओं को रिफिल के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। उपभोक्ता रिफिल के लिए एजेंसी का चक्कर काट रहे हैं। धनपतगंज, कुड़वार समेत कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोग गैस की किल्लत से जूझ रहे हैं।
धनपतगंज ब्लॉक के मझवारा गांव स्थित भारत गैस एजेंसी पर तो लोगों को रिफिल लेने के लिए भोर में ही लाइन में लग जाना पड़ता है। फिर भी रिफिल नहीं मिल पा रही है। इस एजेंसी से जुड़े उपभोक्ता अमरनाथ पांडेय, धुनीराम, श्रीमती व शिवकुमारी रिफिल लेने के लिए परेशान हैं।
इनका कहना है कि रिफिल न मिलने पर लकड़ी के चूल्हे पर खाना पकाने में दिक्कतें हो रही हैं। यहां कुछ लोग तो कई दिनों से रिफिल लेने के लिए लाइन में लग रहे हैं। यही हाल कई अन्य क्षेत्रों के उपभोक्ताओं का भी है। गैस न मिलने पर लोग मजबूर होकर महंगे रेट पर दुकानदारों से रिफिल खरीद रहे हैं।
जिम्मेदार अधिकारियों ने त्योहार के सीजन को देखते हुए भी घरेलू गैस की किल्लत को दूर करने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बनाई है। हालांकि आपूर्ति विभाग की ओर से घरेलू गैस की समस्या के लिए पेट्रोलियम कंपनियों को पत्र भेजने की बात कही जा रही है।
घरेलू गैस के उपभोक्ताओं को सब्सिडी की धनराशि समय से नहीं मिल पा रही है। इसके पीछे गैस एजेंसी संचालकों की ओर से की जारी मनमानी बताई जा रही है। रिफिल लेने के बाद नियमत: सब्सिडी की धनराशि उपभोक्ता के बैंक खाते मेें सीधे भेजी जानी चाहिए।
इसके लिए कनेक्शनधारकों के बैंक खाते को आधार से जोड़ा गया है। एजेंसी संचालक सब्सिडी की धनराशि खाते में भेजे जाने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। संबंधित बैंक कर्मी सब्सिडी के लिए सीधे तौर पर एजेंसी को बता दे रहे हैं। गैस उपभोक्ता सब्सिडी के लिए एजेंसी से लेकर बैंक तक का चक्कर काट-काट कर परेशान हो रहे हैं।
जिला आपूर्ति अधिकारी अभय सिंह ने बताया कि पिछले दिनों उन्नाव में गैस प्लांट में आग लगने से गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से जिले को कम मात्रा में घरेलू गैस की आपूर्ति दी जा रही है।
इससे उपभोक्ताओं को रिफिल मिलने में परेशानी हो रही है। गैस की आपूर्ति कराने के लिए पेट्रोलियम कंपनियों को पत्र भेजा गया है। शीघ्र ही समस्या का निराकरण हो जाएगा। सब्सिडी के बारे में एजेंसियों से बात करके इस समस्या को दूर कराया जाएगा।