पौराणिक मान्यता है कि सावन माह में भगवान शिव की उनके भक्तों पर विशेष कृपा रहती है। इस माह में शिव आराधना करने वाले भक्तों पर भगवान भोलेनाथ खुश होकर उनकी मुरादें पूरी करते हैं। इसी मान्यता को लेकर सावन माह के तीसरे सोमवार को विभिन्न शिवालयों व शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।
शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक सभी शिव मंदिरों में दिन भर विविध धार्मिक अनुष्ठान हुए। शहर के सीताकुंड स्थित पारिजात वृक्ष की भी पूजा की गई। श्रद्धालुओं ने शहर के रामलीला मैदान में स्थित शिव मंदिर में जलाभिषेक किया।
महिलाओं और युवतियों ने सुख-समृद्धि की कामना को लेकर दिन भर निर्जल व्रत रखकर भगवान शिव की आराधना की। शहर व ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न शिवालयों में आयोजित महारुद्राभिषेक में शिव भक्तों ने हिस्सा लिया।
वायुपुराण, लिंगपुराण, शिव धर्मोत्तर पुराण और शिवधर्मपुराण के मुताबिक खासकर सावन के चार सोमवारों को शिव आराधना का विशेष फल मिलता है। पं. राम किशोर त्रिपाठी ने बताया कि भगवान शिव को प्रसन्न करने का सबसे सरल उपाय रुद्राभिषेक ही है।