लखनऊ-वाराणसी रेलखंड के हसनपुर क्रॉसिंग पर चल रहा निर्माण कार्य।
बंधुआकलां। लखनऊ-वाराणसी रेलखंड के हसनपुर क्रॉसिंग पर शुक्रवार को सात घंटे का मेगा ब्लॉक लेकर सड़क की सतह का रबरीकरण (रोड सरफेस रबराइजेशन) का काम किया गया। जिससे हसनपुर-कुड़वार संपर्क मार्ग से आवागमन करने वाले 50 हजार लोगों को परेशानी हुई। इस बीच वैकल्पिक रास्ते का प्रयोग कर ग्रामीण अपने गंतव्य स्थल तक पहुंचे।
मरम्मत कार्य के चलते शुक्रवार सुबह नौ से शाम पांच बजे तक क्रॉसिंग बंद रही। कुड़वार-हसनपुर संपर्क मार्ग को पूरी तरह बंद रखा गया। जिससे हसनपुर, तिवारीपुर, कुड़वार, महराजगंज, बीबीपुर, इमामगंज, खजांची का पुरवा, महाजितपुर, बनकटवा, पलहीपुर, मुरलीनगर समेत करीब 30 गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी। स्टेशन अधीक्षक बीएस मीना ने बताया कि मरम्मत कार्य के लिए सात घंटे का मेगा ब्लॉक लिया गया था। शाम पांच बजे काम पूरा होने पर आवागमन बहाल कर दिया गया।
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सीएचसी जाने वाले मरीजों और स्कूली बच्चों को हुई परेशानी
दूबेपुर सीएचसी हसनपुर गांव में संचालित है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों का इलाज होता है। क्राॅसिंग बंद होने से मरीजों को लेकर एंबुलेंस दूसरे रास्ते से अस्पताल तक गई। क्राॅसिंग बंद होने से कई स्कूलों के वाहनों को दूसरे रास्ते से विद्यालय पहुंचना पड़ा। जिससे अभिभावक और बच्चे दोनों परेशान रहे।
उच्च तकनीक से बनाई जा रही क्राॅसिंग
रेलपथ निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि उच्च तकनीक से क्राॅसिंग पर रोड सरफेस रबराइजेशन का काम किया जा रहा है। क्राॅसिंग के दोनों तरफ लगभग 260 मीटर सड़क को सही किया गया है। सड़क की गुणवत्ता में सुधार होगा और यातायात को सुरक्षित बनाया जा सकेगा।