करौंदीकलां (सुल्तानपुर)। नाबार्ड योजना से कोइरीपुर-करौदीकलां मार्ग के गोमती नदी पुल पर सेतु निगम पांच साल में सिर्फ पांच पिलर ही बना सका। तीन बार समय सीमा बढ़वाने के बाद भी निगम अभी तक मल्हीपुर घाट पुल का निर्माण नहीं कर सका। इसकी वजह से क्षेत्र के लोगों को आवाजाही में समस्या बनी है।
सेतु निगम ने 2018 में 20.23 करोड़ रुपये की लागत से नाबार्ड वित्त योजना से स्वीकृत मल्हीपुर घाट पुल का निर्माण शुरू किया था। पुल के लिए 15.40 करोड़ और पहुंच मार्ग के लिए 4.83 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे।
पुल को वर्ष 2020 में पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था। इस समय सीमा में पुल का निर्माण नहीं हो सका। विभिन्न समस्याओं का हवाला देते हुए निगम ने तीन बार समय सीमा बढ़वा ली। इसके बाद भी पुल का निर्माण पूरा नहीं कर सका। अभी तक पुल न बन पाने से क्षेत्र के लोगों में मायूसी छा गई है।
पुल बन जाने पर 20-25 किमी का नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर
पुल न बनने की वजह से क्षेत्र समेत अन्य लोगों को 20-25 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। करौंदीकलां विकासखंड क्षेत्र के बहाउद्दीनपुर, शोधनपुर, भूपतिपुर, पाकड़पुर, पटना पावरोपट्टी, हरीपुर, गोपालपुर, गौरा टिकरी, हिंदुआबाद, समुदा, मेवपुर, असलाहुद्दीनपुर, जलालपुर करौंदीकलां, शुकुलपुर, कटघर, देवराजपुर, सराय चतुर्भुजपुर, बौढ़िया बलमऊ, काशीपुर, रमसापुर, बूढ़ापुर व प्रतापपुर के अलावा पड़ोसी जिले जौनपुर व प्रतापगढ़ के दर्जनों गांवों के लोगों को पुल बन जाने पर काफी सहूलियत मिल सकेगी। इससे व्यापारियों को भी फायदा होगा।
पुल का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग
क्षेत्र के शैलेंद्र प्रताप सिंह, रामनाथ निषाद, मनोज तिवारी, विवेक श्रीवास्तव, अमरीश मिश्रा, ओंकारनाथ मिश्र समेत अन्य लोगों ने अधिकारियों से पुल का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सेतु निगम की ओर से निर्माण में लापरवाही बरती जा रही है।
भूमि अधिग्रहण का मामला लंबित
सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक प्रशांत सिंह ने बताया कि पूर्व में काम में ढिलाई बरती गई। जल्द से जल्द काम शुरू कराकर 2024 तक निर्माण कार्य पूरा कर दिया जाएगा। अभी कुछ किसानों की भूमि के अधिग्रहण का मामला लंबित चल रहा है।