डसुल्तानपुर। जिले में किसान डीएपी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। रबी सीजन में किसानों को गेहूं की बुआई कराने के लिए डीएपी नहीं मिल पा रही है। डीएपी का स्टॉक समाप्त हो जाने से ज्यादातर साधन सहकारी समितियों व सहकारी संघ पर ताले लटक रहे हैं। मजबूरी में किसानों को निजी दुकानों से महंगे दाम परे डीएपी खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। निजी दुकानदार भी मौके का फायदा उठाकर किसानों से डीएपी के नाम पर मनमानी कीमत वसूल रहे हैं। मुनाफाखोरी में जुटे निजी दुकानदार महंगी कीमत के साथ ही डीएपी की दर पर जैविक खाद भी किसानों को बेच कर चुना लगा रहे हैं। कुड़वार बाजार में ऐसे ही एक दुकानदार ने डीएपी का रेट लेकर किसान को जैविक खाद (डीओपी) बेच दी।
बुधवार को कई साधन सहकारी समितियों व सहकारी संघ पर ताला बंद मिला। नवंबर माह में गेहूं की बुआई चरम पर है। इसके बावजूद किसानों को गेहूं की बुआई कराने के लिए डीएपी नहीं मिल पा रही। गेहूं की बुआई में तेजी आते ही डीएपी का संकट भी गहराने लगा है। पिछले दिनों इफ्को की आई 1,760 मीट्रिक टन डीएपी का वितरण हो गया है। साधन सहकारी समितियों व सहकारी संघ पर डीएपी का स्टॉक समाप्त हो जाने से किसान परेशान हैं। हालत यह है कि किसान डीएपी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। कहीं-कहीं निजी दुकानों पर डीएपी मौजूद है। किसानों का आरोप है कि निजी दुकानदार डीएपी का निर्धारित से अधिक मूल्य वसूल रहे हैं।
स्टॉक न होने से पड़े ताले
बुधवार को कई साधन सहकारी समितियों व सहकारी संघ केंद्रों पर ताला पड़ा मिला। पूछने पर बताया गया कि वितरण के लिए डीएपी का स्टॉक उपलब्ध न होने के कारण ही ताला डालना पड़ा है। कुड़वार ब्लॉक में अगई, अझुई, कुड़वार, भंडरा, रवनिया पश्चिम, बेला पश्चिम, नरही व बबुरी में सहकारिता विभाग की ओर से संचालित समितियां व संघ बंद मिले। डीएपी लेने के लिए आए किसान निराश होकर वापस लौट गए। कादीपुर का सहकारी संघ भी डीएपी का स्टॉक समाप्त हो जाने के कारण बंद मिला। बल्दीराय क्षेत्र के कांपा गांव में स्थित साधन सहकारी समिति पर आई दो सौ बोरी डीएपी मंगलवार को बांट दी गई थी। बुधवार को समिति बंद रही। जयसिंहपुर की साधन सहकारी समिति डीहढग्गूपुर पर ताला बंद मिला।
डीएपी नहीं मिलने से किसान निराश
बल्दीराय तहसील क्षेत्र के तौधिकपुर गांव निवासी इसराइल खान ने बताया कि कई दिन से साधन सहकारी समिति हलियापुर का चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें चार बोरी डीएपी की जरूरत है। कुड़वार बाजार में एक निजी दुकानदार ने ग्राम डडवा मौजा केवटली गांव निवासी राममूरत यादव को नवकामना की जैविक खाद को डीएपी बताकर बेच दिया। उन्होंने बताया कि एक बोरी का 1350 रुपये लिया गया है। कादीपुर क्षेत्र के मालापुर गांव के घनश्याम ने बताया कि डीएपी नहीं मिल रही है। निजी दुकानों पर मनमाना मूल्य लिया जा रहा है।
कूम्ही डड़िया गांव निवासी अनुभव सिंह ने बताया कि डीएपी नहीं मिलने से गेहूं की बुआई पिछड़ने लगी है। बल्दीराय तहसील क्षेत्र के हलियापुर गांव निवासी कर्मवीर सिंह ने बताया कि एक बोरी डीएपी की उन्हें जरूरत है। कतार में लगा था लेकिन स्टॉक समाप्त हो जाने से डीएपी नहीं मिल पाई। जयसिंहपुर क्षेत्र बझना गांव निवासी शेष नारायण पांडेय ने बताया बीते दो दिन से की जा रही दौड़भाग के बाद भी उन्हें 10 बोरी डीएपी नहीं मिल पा रही है।
26 तक आएगी डीएपी की दो रैक
ने बताया कि 26 नवंबर तक डीएपी की दौ रैक आने वाली है। इसमें 26 एमटी की एक रैक इफ्को की और 26 एमटी की एक रैक कृभको की आएगी। डीएपी आते ही सभी समितियों पर भेजवाया जाएगा। कुड़वार बाजार में किसानों को जैविक खाद को डीएपी के रेट में बेचे जाने की बात गलत गलत है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -सदानंद चौधरी, जिला कृषि अधिकारी