सुल्तानपुर। जानलेवा हमला करने के मामले में बुधवार को एडीजे चतुर्थ राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने दो अभियुक्तों को दोषी मानते हुए पांच वर्ष की कैद व 22 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। तीसरे आरोपी की मुकदमे के दौरान मौत हो गई है। मामला दोस्तपुर थाने के पीथीपुर गांव का है।
गांव निवासी प्रेमनाथ वर्मा का आम का पेड़ सूख गया था। 10 दिसंबर 2008 को प्रेमनाथ वर्मा की मां चंद्रावती व भाई रामसूरत वर्मा सूखे आम के पेड़ को काट रहे थे। तथी रंजिश को लेकर गांव के ही दशरथदीन वर्मा, मुरली व लक्ष्मीकांत वर्मा वहां पर पहुंचे और गाली देते हुए उन्हें लाठी-डंडे से मारने लगे। इसमें चंद्रावती व रामसूरत घायल हो गए थे।
पुलिस ने प्रेमनाथ की तहरीर पर आरोपी दशरथदीन वर्मा, मुरली व लक्ष्मीकांत वर्मा के खिलाफ जानलेवा हमला करने का मुकदमा दर्ज किया था। सरकारी वकील विजय शंकर शुक्ल ने बताया कि मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह कोर्ट में पेश किए गए। बुधवार को एडीजे चतुर्थ राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने अभियुक्तों मुरली व लक्ष्मीकांत वर्मा को दोषी मानते हुए पांच वर्ष की कैद व 22 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। आरोपी दशरथदीन वर्मा की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी।