सुल्तानपुर। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सिविल अवमानना से जुड़े मामले में तत्कालीन लंभुआ एसडीएम प्रीति जैन व तहसीलदार प्रांजल त्रिपाठी की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी कर 18 सितंबर की तारीख पर हाजिर होने का आदेश जारी किया है।
बुधवार को वर्तमान सिटी मजिस्ट्रेट प्रीति जैन ने सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण किया व जमानत अर्जी पेश की। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह की अदालत ने एसडीएम को हाईकोर्ट में नियत तिथि पर हाजिर रहने की शर्त के साथ जमानत व मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है। लंभुआ स्थित सहिनवा-हरिहरपुर निवासी ग्राम प्रधान/प्रशासक गीता देवी ने 2023 से जुड़े मामले में 23 अप्रैल को हाईकोर्ट से जारी हुए आदेश का अनुपालन नहीं करने पर अवमानना याचिका पेश की है। हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका में 18 अगस्त को नियत तिथि पर गैरहाजिर रहने पर तत्कालीन एसडीएम प्रीति जैन व तहसीलदार प्रांजल त्रिपाठी के खिलाफ जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें अगली तारीख पर हाजिर होने का आदेश दिया है।
तहसीलदार प्रांजल त्रिपाठी ने दो दिन पूर्व सीजेएम कोर्ट में पेश होकर हाईकोर्ट में हाजिर रहने की कार्यवाही पूरी की थी, जिन्हें अदालत ने सशर्त रिहा किया था। बुधवार को एसडीएम प्रीति जैन ने सीजेएम कोर्ट में हाजिर होकर कार्यवाही पूरी की और नियत तिथि पर हाईकोर्ट में उपस्थित रहने का विश्वास दिलाया।