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छात्रों के स्वागत के लिए सजाए जाएंगे परिषदीय विद्यालय

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सुल्तानपुर। लगभग 11 माह बाद एक मार्च से खुल रहे परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के शिक्षण कार्य शुरू करने के पहले उत्सव का आयोजन किया जाएगा। विद्यालयों में विद्यार्थियों के स्वागत के लिए गुब्बारे लगाए जाएंगे तथा रंगोली बनाई जाएगी।
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शिक्षण कार्य शुरू होने पर मध्याह्न भोजन के रूप में छात्र-छात्राओं को लजीज व्यंजन परोसे जाएंगे। बीएसए ने सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश जारी कर विद्यालय स्तर पर उत्सव आयोजित किए जाने का निर्देश दिया है।
कोविड-19 महामारी के दौरान गत वर्ष मार्च में विद्यालय बच्चों के लिए बंद कर दिए गए थे। तब से लेकर अब तक करीब 11 माह बीत चुके हैं। शासन के आदेश पर एक मार्च से विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई शुरू होगी।
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कोरोना काल में विद्यालय में अध्यापन कार्य बंद होने की वजह से बच्चों की शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इससे जहां एक ओर बच्चों के अधिगम स्तर में कमी आई है। वहीं, दूसरी ओर लंबे समय से विद्यालय से दूर रहने के कारण बच्चों में विद्यालय के प्रति अरुचि का भाव उत्पन्न हुआ है।
अधिगम स्तर पर पड़े दुष्प्रभाव को दूर करने के उद्देश्य से 100 दिनों का प्रेरणा ऽज्ञानोत्सव कंप्लेनऽ संचालित किया जाएगा। इसके अंतर्गत समृद्धि हस्तपुस्तिका पर आधारित रिमेडियल शिक्षण के माध्यम से बच्चों के अधिगम स्तर में वृद्धि का प्रयास किया जा रहा है।
इस प्रयास की सफलता के लिए बच्चों में विद्यालय के प्रति अरुचि के भाव को समाप्त कर उनमें विद्यालय आने के प्रति आकर्षण का भाव विकसित किया जाएगा। बीएसए दीवान सिंह यादव ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों व प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया है कि शिक्षण कार्य शुरू होने के पहले बच्चों, अभिभावकों, एसएमसी के सदस्यों व जन समुदाय के सहयोग से उत्सव का आयोजन किया जाए और छात्र-छात्राओं का विधिवत स्वागत किया जाए।
विद्यालय खुलने के प्रथम दिन स्कूल को गुब्बारे, झंडियों व रंगोली से सुसज्जित कर बच्चों का स्वागत किया जाएगा। छोटे-छोटे समूहों में चर्चा कर कोविड-19 महामारी के अनुभवों को कहानी के रूप में सुनाया जाएगा। बच्चों को विद्यालय के प्रति रुचि पैदा करने के लिए खेल आदि का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें अध्यापक भी सहभागी होंगे।
मध्याह्न भोजन के अवसर पर बच्चों के पसंद का नाश्ता और भोजन परोसा जाएगा। रचनात्मक क्रियाकलाप के अंतर्गत मिट्टी के खिलौने बनाने, पेंटिंग करने, पेपर क्राफ्ट की मदद से विभिन्न आकृतियों का सृजन करने तथा ड्राइंग पेंटिंग करने की प्रतियोगिता कराई जाएगी।
आयोजित होगी शिक्षा चौपाल
विद्यालय खुलने के समय स्कूल प्रबंध समिति के सदस्यों व जनसमुदाय के साथ अध्यापकगण ऽशिक्षा चौपालऽ का आयोजन कर उत्सव में जनसमुदाय का सहयोग प्राप्त करेंगे। साथ ही बच्चों की माताओं के साथ बैठक कर उनके शैक्षणिक विकास पर चर्चा करते हुए उनकी प्रतिक्रिया जानी जाएगी।
रोटेशन से ही चलेंगी कक्षाएं
परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कक्षाओं का संचालन रोस्टर के हिसाब से ही किया जाएगा। सोमवार, बृहस्पतिवार को कक्षा एक और पांच के बच्चे बुलाए जाएंगे। मंगलवार व शुक्रवार को कक्षा दो और चार के बच्चे शिक्षा ग्रहण करने आएंगे। बुधवार और शनिवार को कक्षा तीन के बच्चों को अध्ययन के लिए बुलाया जाएगा।
सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया है कि एक मार्च को विद्यालयों में उत्सव का आयोजन कर बच्चों का स्वागत किया जाए। इसके पहले विद्यालय की सफाई व्यवस्था व कक्षा कक्षों की सफाई आदि का काम पूर्ण करा ली जाए। एमडीएम के संचालन के लिए भी समुचित तैयारी पहले ही कर ली जाए।
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- दीवान सिंह यादव, बीएसए
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