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परिषदीय स्कूलों में पहले दिन ही अव्यवस्थाएं

Wed, 01 Jul 2015 10:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
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सुल्तानपुर। तैयारियां तो खूब थीं लेकिन गर्मी की छुट्टी के बाद जब पहले दिन परिषदीय स्कूल खुले तो सब बेपटरी मिला। विद्यालयों में कहीं साफ-सफाई का अभाव तो कहीं कीचड़ मिला। कक्ष स्टोर रूम के रूप में प्रयोग होता पाया गया। बच्चे तो स्कूल से गायब थे ही अध्यापक भी कम ही संख्या में पहुंचे। जुलाई का पहला दिन ऐसे ही गुजर गया।
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केस-1
शहरी क्षेत्र के कई विद्यालयों में सन्नाटा

गभड़िया पुल के नीचे स्थित प्राथमिक विद्यालय में कैमरे को देखते ही मौजूद अध्यापिकाएं पांच बच्चों को पढ़ाने में जुट गईं। गभड़िया नगर क्षेत्र के जूनियर विद्यालय में कोई बच्चा नहीं पहुंचा। विद्यालय की सफाई का कार्य अध्यापक करवा रहे थे। गभड़िया नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय में दो महिला टीचर मौजूद रहीं। एक टीचर आनन-फानन में चार बच्चों को बटोर कर बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया। स्कूल खुलने की जानकारी होने पर एक महिला अपने बच्चों को छोड़ने जा रही थी।

अमहट में विद्यालय के सामने रहा कीचड़

अमहट स्थित प्राथमिक विद्यालय में सिर्फ एक कक्ष खुला था। कक्ष में एक अध्यापक अजय यादव दो तीन बच्चों को लेकर बैठे थे। बाकी कक्षों में ताला बंद रहा। विद्यालय के बाहर वाहन खड़े होने की वजह से कीचड़ हो गया है। स्कूल खुलने की सूचना पर एक महिला अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने ले जाते दिखी।
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केस-3
शिक्षण कक्ष स्टोर रूम में तब्दील

राजकीय बेसिक बालिका विद्यालय लाल डिग्गी का कक्ष स्टोर रूम में परिवर्तित मिला। अध्यापिकाओं ने बताया कि स्कूल में 43 बच्चे पंजीकृत हैं लेकिन कोई आया नहीं है। बच्चों के नहीं आने से अध्यापिकाएं अपना समय गुजारती रहीं। लाल डिग्गी के जूनियर विद्यालय में मौजूद बच्चे मिड-डे मील खाते मिले।
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