सुल्तानपुर। जिले के उच्च प्राथमिक विद्यालयों व माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा छह से आठवीं तक की कक्षाओं का संचालन बच्चों की 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ बुधवार से शुरू कर दिया जाएगा। कक्षाओं का संचालन रोटेशन के अनुसार होगा। रोटेशन के अनुसार सोमवार व बृहस्पतिवार को कक्षा छह, मंगलवार व शुक्रवार को कक्षा सात तथा बुधवार व शनिवार को कक्षा आठ के विद्यार्थी बुलाए जाएंगे। इस हिसाब से पहले दिन कक्षा आठ के विद्यार्थी बुलाए गए हैं। विद्यार्थियों की अधिक संख्या वाले विद्यालयों में दोनों पालियों में कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इसका निर्णय स्थानीय स्तर पर प्रधानाध्यापक व विद्यालय प्रबंध समिति की ओर से लिया जाएगा।
शासन के आदेश पर कोविड-19 संक्रमण के कारण बच्चों के लिए बंद हुए विद्यालयों को करीब 10 माह बाद खोलने के लिए बीएसए ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसके मुताबिक बुधवार से कक्षा छह से आठ तक के बच्चों के शिक्षण कार्य शुरू होंगे। सभी परिषदीय व निजी विद्यालयों में उच्च प्राथमिक स्तर पर कक्षाओं का संचालन करने के पूर्व विद्यालय कैंपस, सभी कक्षाओं के फर्नीचर, उपकरण, स्टेशनरी, भंडार कक्ष, पानी की टंकी, किचन, बाथरूम, प्रयोगशाला व लाइब्रेरी की सफाई व सैनिटाइजेशन कराया जाएगा। विद्यालय में हाथ धुलने की सुविधा क्रियाशील की जाएगी। डिजिटल थर्मामीटर, सैनिटाइजर व साबुन की व्यवस्था भी विद्यालय स्तर पर सुनिश्चित की जाएगी। विद्यालय की परिवहन व्यवस्था शुरू करने के पूर्व वाहनों को भी सैनिटाइज किया जाएगा।
शासनादेश के मुताबिक छात्र-छात्राओं के बीच कम से कम छह फीट की दूरी के साथ बैठने की व्यवस्था की जाएगी। यदि विद्यालय में एक सीट का बेंच-डेस्क हो तो छह फीट की दूरी पर पर बैठने की व्यवस्था की जाएगी। विद्यालय के शिक्षक भी स्टाफ रूम में छह फीट की दूरी पर ही बैठेंगे। विद्यालय के सभी गेट को आगमन व प्रस्थान के समय खुला रखा जाएगा, ताकि एक जगह भीड़ इकट्ठा न हो। प्रत्येक कक्षा में छात्रों की कुल क्षमता की 50 फीसदी उपस्थिति प्रथम दिन व शेष 50 फीसदी की उपस्थिति दूसरे दिन होगी। किसी भी कार्य दिवस पर किसी भी कक्षा में कुल क्षमता के 50 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति नहीं होगी। उच्च प्राथमिक स्तर पर सोमवार व बृहस्पतिवार को कक्षा छह, मंगलवार और शुक्रवार को कक्षा सात तथा बुधवार व शनिवार को कक्षा आठ के विद्यार्थी बुलाए जाएंगे। जिन विद्यालयों में नामांकन संख्या अधिक है, वहां दो पाली में कक्षाएं संचालित की जाएंगी। प्रत्येक पाली के समय को परिस्थिति के अनुसार कम किया जा सकता है।