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Sultanpur News: कम पड़े संसाधन, कंधे पर ढोए जा रहे मरीज

Mon, 19 Jan 2026 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
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 स्ट्रेचर न मिलने से मरीज को कंधे के सहारे ले जाते तीमारदार। संवाद
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सुल्तानपुर। साप्ताहिक अवकाश के बाद सोमवार को जब राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी खुली तो मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पुरुष ओपीडी में रिकॉर्ड 1960 मरीजों के पहुंचने से चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई। संसाधनों की कमी और अव्यवस्था के चलते मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। चिकित्सकों को भी इस विकट परिस्थिति में इलाज करने में पसीने छूट गए।
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मेडिकल कॉलेज की पुरुष ओपीडी में अचानक मरीजों की संख्या 1960 तक पहुंचने से हर तरफ अफरातफरी का माहौल था। मरीजों और उनके साथ आए सैंकड़ों तीमारदारों की लंबी कतारें लग गईं। खासकर फिजिशियन कक्ष में नए और पुराने मरीजों की भीड़ अधिक थी। वहीं सर्जरी विभाग को छोड़कर अन्य विंग में मरीजों की संख्या कुछ कम रही। इसी कड़ी में, महिला अस्पताल में भी करीब 800 मरीज इलाज कराने पहुंचे। छह घंटे के भीतर करीब 1500 पुराने और 1960 नए मरीजों का इलाज करना चिकित्सकों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हुआ।
सुविधाओं का अभाव, मरीजों को हुई परेशानी
मरीजों को न केवल लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ा, बल्कि अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव देखने को मिला। पर्चा बनवाने और दवा काउंटर पर भी लंबी लाइनें लगी रहीं। मरीजों ने बताया कि सुबह नौ बजे से दोपहर बारह बजे तक तीन अलग-अलग जगहों पर लाइन लगाने के बाद ही उन्हें दवा मिल पाई। कुछ मरीजों को तो डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने में चार घंटे तक का समय लग गया।
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लिफ्ट खराब, सीढ़ियों पर हांफते रहे मरीज
मेडिकल कॉलेज में कुल पांच लिफ्टों में से चार पिछले चार दिनों से खराब पड़ी हैं। सोमवार को भी मरीज और तीमारदार सीढ़ियों का इस्तेमाल करने को मजबूर रहे, जिससे खासकर बुजुर्ग मरीजों और उनके साथ आए लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई। दूसरे और तीसरे तल पर स्थित ओपीडी तक पहुंचने में मरीजों की हालत खराब हो गई।

स्ट्रेचर की कमी
भीड़ बढ़ने के कारण मेडिकल कॉलेज में स्ट्रेचर की भी कमी महसूस की गई। ऐसे में, कई तीमारदारों को अपने बीमार और कमजोर मरीजों को कंधे पर उठाकर चिकित्सकों तक ले जाना पड़ा। परिसर में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण भी मरीजों और उनके साथ आए लोगों को खड़े-खड़े घंटों इंतजार करना पड़ा, जिससे सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों को उठानी पड़ी।
प्राचार्य ने स्वीकार की समस्या
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने स्वीकार किया कि साप्ताहिक छुट्टी के बाद ओपीडी खुलने पर मरीजों की भीड़ बढ़ जाती है, जिससे संसाधनों की कमी के कारण थोड़ी दिक्कत होती है। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों को सभी मरीजों को देखने के बाद ही ओपीडी छोड़ने का निर्देश दिया गया है।
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