सुल्तानपुर। नगर पालिका परिषद में हुई एलईडी खरीद में अनियमितता उजागर होने के बाद अब नव सृजित नगर पंचायत लंभुआ में एलईडी लाइट की खरीद में घपले का मामला प्रकाश में आया है।
वहां पर 200 एलईडी लाइटों की खरीद में तय रेट से साढ़े चार लाख रुपये अधिक भुगतान किए जाने का आरोप नगर पंचायत के प्रशासक एडीएम एफआर व लंभुआ नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी पर लगा है।
यह आरोप नगर पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि ने लगाया है। नगर पालिका परिषद व लंभुआ नगर पंचायत में हुई एलईडी लाइटों की खरीद के मामले को लेकर चेयरमैन प्रतिनिधि व एडीएम एफआर के आमने-सामने हो गए हैं।
नगर पालिका परिषद में सीताकुुंड वार्ड के सभासद डॉ. संतोष सिंह की शिकायत पर पिछले दिनों एलईडी लाइटों की खरीद की जांच एडीएम एफआर उमाकांत त्रिपाठी ने की थी। उन्होंने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी पर 85 लाख रूपये की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि करते हुए कार्रवाई के लिए अपनी रिपोर्ट डीएम व शासन को भेजी थी।
उनकी जांच रिपोर्ट पर अभी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी कि एक और एलईडी लाइट खरीद मेें अनियमितता से जुड़ा ऐसा मामला सामने आया है कि जिसमें अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व व लंभुआ नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगा है।
यह आरोप नगर पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि अजय जायसवाल ने लगाया है। उन्होंने लंभुआ नगर पंचायत में एलईडी लाइट की खरीद के मामले में एडीएम एफआर उमाकांत त्रिपाठी को घेरा है। अजय का आरोप है कि एडीएम एफआर नगर पंचायत लंभुआ के प्रशासक भी हैं।
स्थानीय ईओ की मिलीभगत से लंभुआ नगर पंचायत में 200 एलईडी लाइट की खरीद में तय कीमत से करीब 4.40 लाख रुपये अधिक का भुगतान एडीएम एफआर व ईओ ने कर दिया। नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि ने पूरे प्रकरण की पोस्ट सोशल मीडिया पर भी की है। लंभुआ नगर पंचायत की ईओ आरती श्रीवास्तव ने आरोप को निराधार बताया है।
निराधार आरोप लगा रहे चेयरमैन प्रतिनिधि
लंभुआ नगर पंचायत हाईमास्ट लाइट खरीदी ही नहीं गई। 31 मार्च को टेंडर निरस्त कर दिया गया था। एलईडी लाइट 10,200 के बजाय 6,600 रुपये की दर से जीएसटी के साथ खरीदी गई है। पालिका में एलईडी लाइट की खरीद में बड़ा घपला पकड़े जाने के बाद चेयरमैन प्रतिनिधि निराधार आरोप लगा रहे हैं।
- उमाकांत त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
एलईडी लाइटों के खरीद की होगी जांच
नवसृजित लंभुआ नगर पंचायत में एलईडी लाइट की खरीद का प्रकरण मेरे संज्ञान में आया है। वहां पर लाइटों की खरीद के एस्टीमेट व अनुबंध के प्रपत्रों की जांच करवाई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- रवीश गुप्ता, जिलाधिकारी