आंकड़ों के लिहाज से जिला पंचायत के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में सत्तासीन सपा अन्य सियासी दलों की तुलना में मजबूत दिख रही है। मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष समेत सपा के करीब 20 सदस्य चुनकर आ गए हैं। मतदाताओं ने भाजपा व बसपा को झटका दे दिया है। इसके बावजूद जिला पंचायत अध्यक्ष की ताजपोशी में निर्णायक की भूमिका मेें निर्दलीय ही होंगे।जिला पंचायत के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में मतगणना के अंतिम दिन आए नतीजों ने सपा के करीब 20 जिला पंचायत सदस्य चुनकर आए हैं।
इसमें मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष पृथ्वीपाल यादव भी शामिल हैं। पंचायत चुनाव के लिए महीनों से तैयारी में जुटी भाजपा को इस चुनाव से झटका लगा है। भाजपा के मात्र सात डीडीसी सदस्य चुनाव जीत सके हैं। भाजपा ने जिला पंचायत के 42 वार्डों में प्रत्याशी उतारे थे। यही हाल बसपा का भी है। अंतिम क्षणों में प्रत्याशियों को समर्थन देने वाली बसपा के भी करीब आधा दर्जन डीडीसी ही जीतकर आए हैं।
हालांकि कांग्रेस ने जिला पंचायत चुनाव से पहले ही अपने आप को अलग कर रखा था। पार्टी ने सभी को चुनाव लड़ने की छूट दे दी थी। दलीय स्थिति में कांग्रेस सबसे नीचे है। जिला पंचायत चुनाव में सपा के सर्वाधिक समर्थित प्रत्याशियों के जीतने से अपेक्षाकृत उसका पलड़ा अध्यक्ष पद के चुनाव के लिहाज से मजबूत दिख रहा है। मौजूदा स्थितियों के हिसाब से अध्यक्ष पद के लिए सपा को सिर्फ चार डीडीसी सदस्यों की दरकार होगी। ऐसे में निर्दलीय प्रत्याशी निर्णायक की भूमिका में होंगे।