सुल्तानपुर। प्रशासन की ओर से सुल्तानपुर विकास प्राधिकरण बनाने के भेजे गए प्रस्ताव का रास्ता साफ होता जा रहा है। शासन के निर्देश पर 44 गांवों का सजरा और मानचित्र आवासीय व शहरी नियोजन विभाग को भेजा गया है। अब नियोजन विभाग की ओर से प्राधिकरण में शामिल करने के लिए प्रस्तावित गांवों का मानचित्र बनाया जाएगा।
मानचित्र बनने के बाद उसे नियोजन विभाग की ओर से डीएम को भेजा जाएगा। शासन से मानचित्र मिलने पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक होगी। बोर्ड में आने वाले निर्णय के हिसाब से आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
उप जिलाधिकारी सदर विपिन द्विवेदी ने बताया कि सुल्तानपुर विकास प्राधिकरण बनाने के लिए डीएम की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में प्राधिकरण के लिए निर्धारित मानक में सुल्तानपुर को 65 अंक मिले हैं। 100 अंकों में कम से कम 60 अंक प्राधिकरण बनाने के लिए होना चाहिए।
65 अंक मिलने से प्राधिकरण की स्वीकृति मिलने का रास्ता साफ होता जा रहा है। नियोजन विभाग के निर्देश पर सजरा और मानचित्र 17 सितंबर को भेज दिया गया। प्राधिकरण बनने की जल्द स्वीकृति मिलने के आसार बढ़ते जा रहे हैं। प्राधिकरण बनने से शहर के साथ आसपास के शामिल किए जाने वाले 44 गांवों का तेजी से विकास हो सकेगा।
आठ किमी से अधिक हो जाएगा शहर का दायरा
सुल्तानपुर। विकास प्राधिकरण बनने से शहर का फैलाव होगा। इसमें शहर के आसपास के चारों तरफ के 44 गांवों को लिया गया है। उप जिलाधिकारी सदर विपिन द्विवेदी ने बताया कि इन गांवाें के प्राधिकरण में शामिल होने पर शहर का दायरा साढ़े चार किमी से बढ़कर आठ किमी से अधिक हो जाएगा। शहर में शामिल होने पर इन गांवों का विकास हो सकेगा।
... तो बढ़ जाएंगे जमीनों के दाम
प्रस्तावित 44 गांवों के विकास प्राधिकरण में शामिल होने पर इन गांवों की जमीनों के दाम बढ़ जाएंगे। इसका लाभ भूमि मालिकों को मिल सकेगा। साथ ही सरकारी जमीनों का उपयोग बेहतर तरीके से हो सकेगा। प्राधिकरण के उपयोग में सरकारी जमीनें आ सकेंगी।
लोगों के बढ़ जाएंगे रोजगार के साधन
सुल्तानपुर विकास प्राधिकरण बनने से लोगों के आय के साधन में भी बढ़ोतरी होगी। रोजगार के विभिन्न साधन बढ़ जाएंगे। खासकर नई कालोनियां बसने से बेरोजगार लोग इनके आसपास छोटी से लेकर विभिन्न प्रकार की बड़ी दुकानें कर सकेंगे। जिससे लोगों के जीवन में बदलाव आएगा।-संवाद