जिला मुख्यालय पर सैनिक स्कूल स्थापित करने की राह में खड़ी धन आवंटन की बाधा आखिरकार दूर हो गई है। लगातार हुए पत्राचार के बाद प्रदेश सरकार ने सैनिक स्कूल के लिए चिह्नित जमीन की खरीद के लिए आवश्यक धनराशि की 50 प्रतिशत राशि जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी है। जिला प्रशासन ने प्राप्त धनराशि को यूपीएसआईडीसी के खाते में भेजकर आवश्यक कार्यवाही को कहा है।
तत्कालीन संप्रग सरकार के दौरान जिले में सैनिक स्कूल स्थापना को स्वीकृति मिली थी। सैनिक स्कूल स्थापना को स्वीकृति देने के बाद केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार से स्कूल के लिए 50 एकड़ निशुल्क भूमि उपलब्ध कराने को कहा था। केंद्र के पत्राचार व प्रदेश सरकार के आदेश पर पहले तो जिला प्रशासन ने जिला मुख्यालय के आस-पास निशुल्क भूमि की तलाश करवाई लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में मुसाफिरखाना रोड पर शहर से करीब छह किलोमीटर दूर कौहार गांव स्थित यूपीएसआईडीसी की भूमि को स्कूल के लिए चिह्नांकित किया गया।
भूमि का चिह्नांकन होने के बाद से ही जिला प्रशासन प्रदेश सरकार से लगातार पत्राचार कर जमीन की एवज में यूपीएसआईडीसी को दिए जाने वाले धन को (1600 रुपये प्रति वर्ग मीटर) की दर से आवंटित करने की मांग कर रहे थे। 16 सौ रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से यह धनराशि 32 करोड़ 95 लाख 26 हजार 975 रुपये होती है। लगातार पत्राचार के बाद शासन ने आखिरकार भूमि खरीद के लिए आवश्यक धनराशि की पहली किश्त के रूप में 16 करोड़ 47 लाख 63 हजार 487 रुपये जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दिए। जिला प्रशासन ने प्राप्त धनराशि को यूपीएसआईडीसी के खाते में भेजकर आवश्यक कार्यवाही को कहा है।
जिलाधिकारी चंद्रकांत पांडेय ने शासन की ओर से सैनिक स्कूल की भूमि के लिए धन आवंटित करने की पुष्टि की। डीएम ने बताया कि प्राप्त धनराशि यूपीएसआईडीसी को दे दी गई है।