सुल्तानपुर/अमेठी। यूनाइटेड फोरम ऑफ आरआरबी यूनियंस के आहवान पर मंगलवार को सुल्तानपुर व अमेठी जिले के बड़ौदा उप्र ग्रामीण बैंक के अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के दौरान दोनों जिलों की 134 शाखाओं में ताले लटकते रहे। हड़ताल से करीब तीन करोड़ रुपए का टर्नओवर प्रभावित रहा। बैंकों की बंदी से खाताधारकों को काफी परेशानी हुई।
बैंकों के मुख्य गेट पर हड़ताल का बैनर पोस्टर लगाकर अमहट स्थित उप्र ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के पास मंगलवार की सुबह हड़ताली कर्मचारी इकट्ठा हुए। यहां आयोजित सभा को संबोधित करते हुए बैंक यूनियंस के नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ग्रामीण बैंकों का मालिकाना हक पूंजीपतियों को सौंपना चाहती है। स्टॉफ की कमी से ग्रामीण बैंकें जूझ रही हैं। बैंकिंग उद्योग में पिछले माह लागू किया गया 10वां वेतन समझौता पूरी तरह से ग्रामीण बैंकों में लागू किया जाए। प्रायोजक बैंकों में लागू पेंशन योजना बिना किसी कर्मचारी अंशदान के ग्रामीण बैंकों में लागू की जाए।
10 हजार से अधिक दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में समायोजित किया जाए। सभा को कर्मचारी नेता अरुण सिंह, सचिव अरुण सिंह, आनंद दूबे, संजीव सिंह, श्रीदत्त, राजेश पांडेय, एपी श्रीवास्तव, जाहिद सईद, विजय निगम, सुरेश सिंह, श्रीकांत मिश्र ने संबोधित किया। कर्मचारी नेता शिवकरन द्विवेदी ने बताया कि हड़ताल से सुल्तानपुर और अमेठी जिले के समस्त 134 ग्रामीण बैंकों की शाखाएं बंद रही। दोनों जिलों में करीब तीन करोड़ रुपए का टर्नओवर प्रभावित हुआ है।