सुल्तानपुर। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की लापरवाही पर अंकुश लगाने के लिए बुधवार को मुख्यमंत्री प्रेरणा एप का शुभारंभ करेंगे।
यह एप लागू होने के पहले ही शिक्षकों ने विरोध के लिए मोर्चा खोल दिया है। तमाम एनपीआरसी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। शिक्षक सोशल मीडिया पर प्रेरणा एप के विरोध में अपने-अपने तर्क रख रहे हैं।
परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन की व्यवस्था में सुधार लाने के लिए शासन ने प्रेरणा नामक एप लांच करने का निर्णय लिया है। इस एप के माध्यम से शिक्षकों को स्कूल खुलने के बाद सेल्फी अपलोड करनी होगी।
साथ ही बच्चों के एमडीएम ग्रहण करने एवं स्कूल बंद होने के समय भी सेल्फी अपलोड करना होगा। प्रेरणा एप संचालन के लिए प्रधानाध्यापकों को टेबलेट भी दिया जाएगा।
टेबलेट में जीपीएस के माध्यम से लोकेशन भी ट्रैस की जा सकेगी। शिक्षकों को एमडीएम के लिए अलग से सूचना नहीं देनी होगी। प्रेरणा एप में ही यह सूचना भी भेजी जाएगी।
आए दिन बगैर अवकाश लिए विद्यालय से गायब रहने वाले कई लापरवाह शिक्षक प्रेरणा एप लागू होने से सांसत में हैं। शिक्षकों ने बुधवार एवं बृहस्पतिवार को बीएसए कार्यालय पर धरने की योजना बनाई है। जयसिंहपुर, करौंदीकलां, दूबेपुर, कूरेभार समेत कई विकास खंडों के संकुल प्रभारियों ने प्रेरणा एप के विरोध में अपना इस्तीफा दे दिया है।
मुख्यमंत्री की ओर से बुधवार को शाम चार से पांच बजे तक गोमतीनगर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रेरणा एप का लोकार्पण किया जाएगा। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण दूरदर्शन के जरिए किया जाएगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नरेंद्र देव पांडेय ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि बीआरसी पर टेलीविजन के माध्यम से प्रेरणा एप लांचिंग का टेलीकॉस्ट दिखाने की व्यवस्था करें। इसमें सभी खंड शिक्षा अधिकारी एबीआरसी, एनपीआरसी व प्रधानाध्यापक मौजूद रहें।