सुल्तानपुर। करीब दो घंटे तक मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी। सुबह साढ़े सात बजे से तेज बारिश शुरू होकर नौ बजे तक जारी रही। इसके बाद दोपहर करीब साढ़े 12 बजे तक रिमझिम बारिश जारी रही। 68 मिमी वर्षा के कारण सड़कें तालाब बन गईं और मोहल्लों में घरों व अस्पतालों तक पानी घुस गया।
अस्पतालों में मरीज पानी से होकर पहुंचे और अमहट फल व सब्जी मंडी में व्यापारी घुटनों तक पानी में खड़े होकर कारोबार करने को मजबूर रहे। नगर पालिका, नगर पंचायत और मंडी प्रशासन की जलनिकासी व्यवस्था विफल साबित हुई।
सबसे ज्यादा परेशानी लखनऊ नाका, शास्त्रीनगर, डिहवा, राईन नगर और दरियापुर के लोगों को झेलनी पड़ी। कई गलियों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे घरों से निकलना मुश्किल हो गया। दोपहिया वाहन बीच रास्ते बंद हो गए और लोग बच्चों व बुजुर्गों को गोद में उठाकर सुरक्षित स्थानों तक ले जाते दिखे।
लखनऊ नाका के अजय कश्यप ने बताया कि हर बारिश में घर के अंदर तक पानी पहुंच जाता है। शास्त्रीनगर निवासी आरपी श्रीवास्तव ने कहा कि हल्की बारिश में भी घर के सामने झील जैसा नजारा बन जाता है।
कई घरों में घुसा पानी : भदैंया। बजेठी गांव में कई घरों में बारिश का पानी घुस गया। सजनलाल गौतम, राम पदारथ प्रजापति, शमीम खान और श्रीराम गौतम ने बताया कि घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया। एडीओ पंचायत अरविंद श्रीवास्तव ने जल्द पानी निकलवाने का आश्वासन दिया। (संवाद)
मरीज और तीमारदार हुए परेशान
करौंदीकला। सीएचसी का मुख्य प्रवेश मार्ग पानी में डूब गया। मरीजों और तीमारदारों को घुटनों तक पानी पार कर अस्पताल पहुंचना पड़ा। सीएचसी अधीक्षक अनिल वर्मा ने नाली निर्माण व सड़क ऊंची कराने के लिए कई बार पत्र भेजा है। (संवाद)