बस स्टेशन के बाहर आजाद पार्क के पास बस खड़ी कर सवारी का इंतजार करता चालक।
सुल्तानपुर। कोहरा और शीतलहर से जनजीवन बेहाल है। सबसे ज्यादा असर परिवहन सेवाओं पर पड़ रहा है। अधिक सर्दी से लोग निजी गाड़ी या ट्रेन से यात्रा करने में ज्यादा अच्छा समझ रहे हैं। इसकी वजह से अधिकांश बसें खाली जा रही हैं। सवारी कम होने से निगम की बसों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
परिवहन निगम की बसों पर भी कोहरे का असर दिखाई देने लगा है। सर्दी और कोहरे में तमाम आशंकाओं के कारण यात्री बस से सफर नहीं कर रहे हैं। डिपो के बेड़े में 91 निगम की और 64 बसें अनुबंधित हैं। इन बसों में दिन में तो यात्री मिल जाते हैं, लेकिन शाम को कम होने से कई बार लंबे रूट की बसें चलाई ही नहीं जातीं। रोडवेज बसों की आय में काफी गिरावट आई है। आम दिनों में जहां डिपो से प्रतिदिन 18 से 20 लाख रुपये तक की आय होती थी। अब बमुश्किल 15 से 16 लाख रुपये की कमाई हो पा रही है। यात्री सफर पर कम निकल रहे हैं।
ऐसे में आय भी काफी कम हो रही है। चालक-परिचालक भी परेशान हैं। शनिवार को दोपहर बस स्टेशन के अंदर से सुल्तानपुर डिपो की एक बस 10-15 सवारी लेकर बाहर निकली और आजाद पार्क के पास सड़क किनारे चालक ने बस खड़ी कर दी। करीब 15 मिनट इंतजार के बाद भी इस बस में एक भी सवारी नहीं बैठी। मजबूरी में चालक को जितनी बस में सवारी बैठी थीं, उसी में संतोष करना पड़ा। स्टेशन इंचार्ज नान्हूराम सरोज ने बताया कि सवारियां कम होने से आमदनी पर फर्क आना स्वाभाविक है। दिन में तो यात्री आ रहे हैं। सुबह और शाम के यात्री कम हुए हैं।