शस्त्र लाइसेंसों का रिकॉर्ड ऑनलाइन नहीं कराने पर उसे निरस्त करने की चेतावनी के बाद जिले के लाइसेंसधारी सकते में आ गए। स्थिति यह हुई कि निर्धारित समय के पूर्व ही लाइसेंसधारियों ने अपने रिकॉर्ड को ऑनलाइन करा दिया है। प्रशासन ने अंतिम तिथि के दो दिन पूर्व ही शत-प्रतिशत रिकॉर्ड ऑनलाइन करने का दावा भी किया है।
करीब दो वर्ष से शस्त्र लाइसेंसों के रिकॉर्ड को ऑनलाइन करने के लिए केंद्र सरकार के जारी निर्देश के बाद सुस्त प्रक्रिया में अचानक तेजी आ गई है। शासन व प्रशासन से शस्त्र लाइसेंसों का रिकॉर्ड ऑनलाइन नहीं कराने वालों का लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी के बाद लाइसेंसधारियों का हुजूम कलेक्ट्रेट में उमड़ने लगा। पुलिस की ओर से भी लगातार फायरिंग टेस्ट के प्रमाण पत्र जारी किए जाते रहे। लाइसेंसधारियों के सकते में आते ही प्रशासन ने विवरण आनलाइन करने की कार्यवाही निर्धारित तिथि के पहले ही पूरी कर ली।
12,174 लाइसेंस
प्रशासन के मुताबिक जिले में विभिन्न प्रकार के असलहों के 12,174 लाइसेंस जारी किए गए हैं। इसमें करीब 11,024 लाइसेंस जिले के निवासियों के हैं जबकि शेष अन्य जिले के लोगों के हैं। इसमें चार हजार के करीब पिस्टल व अन्य असलहों तथा आठ हजार के आसपास सिंगल व डबल बैरल बंदूक शामिल है।