कलेक्ट्रेट में बैठक करते पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष, सदस्य व अन्य।
सुल्तानपुर। राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने कहा कि वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर पंचायत चुनाव के लिए पिछड़ा वर्ग का आरक्षण तय किया जाएगा। इसके लिए जिलों का दौरा करके आपत्तियां व सुझाव प्राप्त करने के साथ ही पूर्व में पिछड़ा वर्ग को दिए गए आरक्षण की स्थिति की जानकारी भी ली जा रही है।
बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में प्रतिनिधियों व राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग का आरक्षण 27 फीसदी से घट अथवा बढ़ सकता है, लेकिन कुल आरक्षण 50 फीसदी से अधिक नहीं हो सकता है। कहा कि बैठक में लोगों से बातचीत में बताया गया कि पूर्व में पिछड़ा वर्ग को सही आरक्षण दिया गया था।
प्रदेश सरकार को सौंपी जाएगी तैयार रिपोर्ट
आयोग विभिन्न जिलों का दौरा करके अपनी रिपोर्ट प्रदेश सरकार सौंपेगी। इसी के आधार पर पिछड़े वर्ग का आरक्षण तय होगा। इसके पहले बैठक में आयोग के सदस्यों ने ब्लाॅक प्रमुखों, पिछड़ा वर्ग के लोगों, ग्राम प्रधानों से आरक्षण के मुद्दे पर सुझाव लिए। कुछ प्रमुखों व प्रधानों ने कुछ ग्राम पंचायतों में पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या बढ़ने की जानकारी दी। बैठक में सभी वर्गों के लोगों से जानकारी ली गई। वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव की सूची के परीक्षण में सामने आया कि उस समय पिछड़ा वर्ग के लिए 258 पद प्रधानों के आरक्षित किए गए थे, लेकिन सामान्य सीट पर भी 146 प्रधान जीत गए थे। इस तरह वर्ष 2021 के चुनाव में पिछड़ा वर्ग के प्रधानों की संख्या कुल 404 हो गई थी।
आरक्षण से ज्यादा मिल रहा लाभ
आयोग के सदस्यों ने माना कि पिछड़ा वर्ग को आरक्षण से ज्यादा ही लाभ मिल रहा है। आयोग की टीम कुछ गांवों का भ्रमण करके भी आरक्षण व जनसंख्या के बारे में टोह ली। अध्यक्ष के साथ दौरे में टीम के सदस्यों में सेवानिवृत्त जिला जज बृजेश कुमार, सेवानिवृत्त अपर जिला जज संतोष कुमार विश्वकर्मा, सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया, सेवानिवृत्त आईएएस एसपी सिंह भी रहे। इस मौके पर सीडीओ विनय कुमार सिंह सहित विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।