स्थानीय रेलवे स्टेशन पर तकनीकी कमी के चलते बीते तीन दिनों से आरक्षण व साधारण टिकट काउंटर पूरी तरह बंद पड़े हैं। इसकी वजह से ट्रेन यात्रा करने वाले यात्रियों को आरक्षित के साथ तत्काल टिकट नहीं मिल पा रहे हैं। साधारण टिकटों की बिक्री मैनुअल प्रक्रिया के तहत की जा रही है। आरक्षित टिकट नहीं मिलने से जहां रेलवे को प्रतिदिन एक से डेढ़ लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है वहीं साधारण टिकट प्राप्त करने के लिए भी यात्रियों को भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है।
गौरीगंज रेलवे स्टेशन से ट्रेन यात्रा करने वालों की मुश्किल आरक्षण काउंटर अलग होने के बावजूद नहीं थम सकी है। आलम यह है कि बीते तीन दिनों से तकनीकी कमी के चलते साधारण व आरक्षण केंद्र का सर्वर फेल होने से यात्रियों को न आरक्षित टिकट मिल पा रहे हैं न ही तत्काल। इतना ही नहीं साधारण टिकट प्राप्त करने के लिए भी लोगों को लंबी कतारों में लगकर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। और तो और बुकिंग लिपिक से जल्द टिकट लेने के लिए तकरार भी होती है।
आरक्षित और तत्काल टिकट नहीं मिलने से यात्रियों को होने वाली परेशानी का आलम यह है कि उन्हें यह टिकट पाने के लिए अमेठी रेलवे स्टेशन का चक्कर लगाना पड़ रहा है। सर्वर फेल होने से रेल महकमे को प्रतिदिन करीब एक से डेढ़ लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्टेशन अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि साधारण टिकट की ब्रिकी मैनुअल प्रक्रिया से की जा रही है। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है। जल्द ही आरक्षण व साधारण टिकट सुविधा बहाल हो जाएगी।