कोटा चयन को लेकर बुधवार को स्थानीय रामलीला मैदान में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच खुली बैठक में चार दावेदारों ने पूरी ताकत झोंक दी। दोपहर बाद ग्रामीणों के बहुमत के आधार पर एसडीएम सदर प्रमोद पांडेय ने अमरावती के नाम का प्रस्ताव पारित कर दिया।
कुड़वार ग्राम पंचायत में कोटे की तीन दुकानें रमेश पांडेय, रामअचल चौरसिया और अनवरी बेगम के नाम संचालित हो रही थी। कोटेदार अनवरी बेगम की मृत्यु हो जाने से एक दुकान रिक्त हो गई थी। कोटे की दुकान हथियाने को लेकर काफी दिनों से दावेदारों के बीच रस्साकशी चल रही थी। बृहस्पतिवार को कुड़वार कस्बे में स्थित रामलीला मैदान में खुली बैठक बुलाई गई। एसडीएम सदर प्रमोद पांडेय की देखरेख में हुई खुली बैठक में सुबह से ही भारी गहमागहमी रही।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कुड़वार एसओ नंद कुमार तिवारी पुलिस बल के साथ सुबह से ही मौजूद रहे। कोटे के लिए चार आवेदकों अमरावती, नसरीन बानो, सुनीता शुक्ला व सायरा बानो ने अपनी दावेदारी पेश की। चारों दावेदार आखिरी समय तक ग्रामीणों को अपने पाले में करने के लिए जोड़तोड करने में लगे रहे। अमरावती को 640, नसरीन बानों को 526, सुनीता शुक्ला को 497 और सायरा बानो को महज 37 लोगों का खुला समर्थन मिला।
एसडीएम सदर ने बहुमत के आधार पर कोटे की दुकान अमरावती के पक्ष में करने की घोषणा की। इस मौके पर ग्राम प्रधान ममता यादव, एडीओ कृषि वंशराज वर्मा, एडीओ सांख्यिकी संदीप कनौजिया, ग्राम विकास अधिकारी ओपी मिश्र, महिमा सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।