मोतिगरपुर के मलिकपुर बखरा गांव में राशन के साथ मौजूद ग्रामीण।
- फोटो : SULTANPUR
सुल्तानपुर। मुख्यमंत्री की ओर से लखनऊ में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के राशन वितरण की शुरुआत के बाद जिले में राशन वितरण की व्यवस्था चरमरा गई। नमक व खाद्य तेल की आधी-अधूरी आपूर्ति के बाद कार्डधारकों को एक किलो व दो किलो कटौती के बाद राशन वितरण किया जाता रहा।
कई कार्डधारकों ने कम गेहूं व चावल दिए जाने का आरोप लगाया है। कहीं मशीन से पर्ची निकलती रही तो कहीं पर्ची गायब रही। राशन के पारदर्शी वितरण के लिए कोटे की दुकानों पर नियुक्त किए गए अधिकांश पर्यवेक्षक नदारद रहे। नमक व तेल/रिफाइंड की पूरी आपूर्ति कोटे की दुकानों पर नहीं पहुंचने से सभी कार्डधारकों को दोनों सामानों का वितरण नहीं किया जा सका। शाम तक कोटे की दुकानों पर अव्यवस्थाओं के बीच राशन वितरण चलता रहा लेकिन अधिकांश पूर्ति निरीक्षक वितरण व्यवस्था से दूर रहे।
दोस्तपुर के बसहां के कोटे की दुकान पर मशीन से निकल रही पर्ची में अंत्योदय कार्ड पर तीन लीटर व पात्र गृहस्थी कार्ड पर एक लीटर मिट्टी का तेल अंकित दिख रहा था लेकिन कार्डधारकों को मिट्टी का तेल नहीं दिया जा रहा था। पर्ची में गेहूं, चावल, चना, खाद्य तेल व नमक की मात्रा भी अंकित की गई थी। अंकित मात्रा से कार्डधारकों को कम राशन दिया जा रहा था। कई कार्डधारकों ने कम राशन दिए जाने का आरोप भी लगाया। दोस्तपुर के बेथरा में स्थित कोटे की दुकान पर राशन वितरण की पर्ची बाद में निकलना शुरू हुई। पर्ची निकालने के बाद राशन का वितरण किया जाता रहा। इस दुकान पर भी कई कार्डधारकों ने निर्धारित मात्रा से कम राशन दिए जाने का आरोप लगाया। कहा कि इसी तरीके से हमेशा कम राशन दिया जाता है।
बल्दीराय के पिपरी में कार्डधारकों से पैसा लेकर राशन वितरित किए जाने की शिकायतें रहीं। गांव के पात्र गृहस्थी कार्डधारक शिवप्रताप सिंह ने बताया कि उन्हें 15 किलो गेहूं व चावल 40 रुपये कोटेदार को देने के बाद दिया गया। नमक, खाद्य तेल व चना नहीं मिला। इसी तरह उनके भाई शिवकुुमार सिंह के अंत्योदय कार्ड पर 15 किलो गेहूं व 15 किलो चावल 80 रुपये लेकर दिया गया। गौहनिया में कोटेदार की ओर से पूरे झुरहू निवासी मायावती पत्नी राजाराम को 20 किलो गेहूं व चावल 50 रुपये लेकर दिया गया।
जिलापूर्ति अधिकारी अभय सिंह ने बताया कि रविवार को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत निशुल्क राशन के साथ नमक, खाद्य तेल व चना का वितरण शुरू कराया गया है, जहां नमक व खाद्य तेल कम मात्रा में पहुंचा है वहां बाद में वितरित कराया जाएगा। कोटेदारों की ओर से पैसा लिए जाने व कम राशन दिए जाने के मामले में शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।