सुल्तानपुर। किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में पीड़िता व उसका पिता अदालत में गवाही देने से मुकर गए। पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत के न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा ने झूठी गवाही देने के आरोप में पीड़िता के पिता को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने आरोपी पिता-पुत्र को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
अधिवक्ता मोइन खान के मुताबिक कोतवाली देहात थाने के एक गांव की किशोरी के पिता ने लंभुआ कोतवाली के सकरसी गांव निवासी अरमान अली व उसके पिता हामिद अली के खिलाफ 10 अप्रैल 2022 को मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि अरमान अली ने 27 मार्च 2021 को किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म किया था।
किशोरी के पिता ने आरोपी अरमान अली के घर जाकर उसके पिता हामिद अली से शिकायत की तो उसने गाली व जान से मारने की धमकी देते हुए भगा दिया था। मुकदमे के दौरान पीड़िता व उसका पिता पक्षद्रोही हो गए और दोनों गवाही देने से मुकर गए।
दोनों ने अपहरण व दुष्कर्म की घटना से इंकार कर दिया। कहा कि, पीड़िता घर से नाराज होकर रिश्तेदार के घर चली गई थी और वहां पर एक साल रही थी। कोर्ट ने आरोपी अरमान अली को अपहरण व दुष्कर्म के आरोप से और उसके पिता हामिद अली को गाली व धमकी देने के आरोप से साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
कोर्ट ने झूठी गवाही देने के आरोप में पीड़िता के पिता को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।