सुल्तानपुर। किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के मामले में अभियोजन पक्ष कोर्ट में केस साबित नहीं कर पाया। सोमवार को पाॅक्सो एक्ट की विशेष अदालत के न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा ने आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता सवितोष पांडेय के मुताबिक लंभुआ थाने के एक गांव की किशोरी ने 10 जून 2020 को गांव के ही कमल किशोर सिंह, गोलू सिंह, छोटे सिंह व अंशू सिंह के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया था। किशोरी का आरोप था कि निमंत्रण में शामिल होने के लिए जाने के दौरान आरोपियों ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी और कपड़े फाड़ डाले थे।
पीड़िता के बयान के बाद पुलिस ने मामले में गैंगरेप की धारा बढ़ा दी थी। पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोपी गोलू सिंह, छोटे सिंह व अंशू सिंह को क्लीनचिट देते हुए उनका नाम निकाल दिया था जबकि आरोपी कमल किशोर सिंह के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश छह गवाहों से बचाव पक्ष के अधिवक्ता सवितोष पांडेय ने जिरह की। जिरह में गवाहों ने विरोधाभासी गवाही दी। बचाव पक्ष की ओर से भी दो गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सोमवार को कोर्ट ने आरोपी कमल किशोर सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी करने का फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष केस साबित करने में असफल रहा है।