शहर के चौक में दुकान पर पगड़ी पहनकर देखता युवक। संवाद
सुल्तानपुर। सहालग शुरू होते ही शहर के बाजारों में शहनाइयों की गूंज के साथ दूल्हों की शान बढ़ाने वाले सेहरा, पगड़ी और सिंहोरा की बिक्री तेज हो गई है। दुकानों पर इन दिनों डिजाइनर कलेक्शन की भरमार है। पारंपरिक अंदाज के साथ थीम आधारित और आउटफिट से मैचिंग सेहरे-पगड़ियां खास पसंद की जा रही हैं। बाजार में 50 से 2250 रुपये में पगड़ी बिक रही है।
दुकानदारों के मुताबिक, इस बार सहालग में राजस्थानी स्टाइल सेहरे और पगड़ी की मांग सबसे अधिक है। गोल्डन चेन, मोती और फूलों से सजे सेहरे युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं। शहर स्थित चौक के व्यापारी जमुना प्रसाद कसौधन ने बताया कि मौर 100 से 850, डाल 100 से 450 और सिंहोरा 40 से 1200 रुपये में बेचा जा रहा है। इसकी तरह दूल्हे की पगड़ी 50 से 2250 रुपये में उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि इस समय राजस्थानी पगड़ी की अधिक डिमांड है। यह 1200 से 3000 तक बेची जा रही है।
दुकानदार मनोज ने बताया कि दूल्हे की पगड़ी पर सजने वाला सिंहोरा (कलगी) कई आकर्षक डिजाइनों में मौजूद है। सामान्य सिंहोरा 160 से 750 रुपये में मिल रहा है, जबकि स्टोन और पर्ल वर्क वाले 400 से 800 रुपये और रॉयल डिजाइनर सिंहोरा 1000 से 2300 रुपये तक बिक रहे हैं। रंगों की बात करें तो अब सिर्फ लाल और केसरिया ही नहीं, बल्कि क्रीम, मरून, गोल्डन, पीच, फिरोजी और पेस्टल शेड्स की पगड़ियां भी ट्रेंड में हैं। दूल्हे भी सूट और शेरवानी से मैचिंग थीम चुन रहे हैं। इससे उनका लुक और भी आकर्षक बन रहा है। बाजार में बढ़ती रौनक से व्यापारियों के चेहरे खिले हैं।