गेहूं, सरसों, चना, आलू की बुआई के लिए मिलेगी सहूलियत
अगेती धान की फसल उत्पादन पर पड़ेगा असर
संवाद न्यूज एजेंसी
सुल्तानपुर। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश पिछेती धान की फसलों के लिए संजीवनी का काम करेगी। बारिश से धान की बाली लदी फसल खेतों में गिरने से उसके उत्पादन पर असर पड़ेगा। और बारिश हुई तो किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। नमी से जाड़े के सीजन में बोई जाने वाली फसलों में गेहूं, सरसों, चना, आलू व मटर के लिए सीजन बेहतर होने की उम्मीद है।
करौंदीकलां विकास खंड के अमनाईकपुर निवासी मित्रसेन सिंह ने कहा कि बारिश छोटे-बड़े सभी किसानों के लिए फायदेमंद है। इस बार आठ बीघे में धान की रोपाई कराई थी। निजी नलकूप से सिंचाई करने के बावजूद धान की रंगत वैसी नहीं हो पा रही थी। बरसात से अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है। तिल की फसल लगभग पककर तैयार है। कम्मरपुर निवासी मनोज तिवारी कहते हैं कि बारिश से जहां कुछ नुकसान हुआ है तो वहीं उससे कई गुना ज्यादा फसलों को फायदा पहुंचा है। आगे की सरसों, मसूर, चना आदि फसलों की बुआई के लिए खेतों में पर्याप्त नमी हो गई है।
बल्दीराय तहसील क्षेत्र के नंदौली गांव निवासी प्रगतिशील किसान जमील अहमद ने बताया कि अगेती धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है। अब तो आने वाला समय ही बताएगा कि किसान अपनी मेहनत का लाभ कितना पाएंगे। मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को अधिकतम तापमान 28.0 व न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कमला नेहरू कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी भूपेंद्र सिंह पटेल ने बताया कि आगामी 24 घंटे के दौरान हल्की बारिश होने या फिर आसमान साफ रहने की संभावना है।
अगेती खेती के लिए फायदेमंद बारिश
सही समय पर बारिश हुई है। फसलों पर इसका काफी अच्छा प्रभाव पड़ेगा। धान की बाली लगी जो फसलें खेतों में गिरी हैं, उनमें 10 फीसदी का नुकसान हो सकता है। सब्जियों की खेती मचान बनाकर होने से उसमें नुकसान नहीं होगा। अगेती आलू, सब्जी समेत अन्य की खेती में किसानों को सहूलियत मिलेगी।
-डॉ. सीके त्रिपाठी, कृषि वैज्ञानिक केवीके।