बारिश का मौसम करीब आ गया है लेकिन शहर के नाले-नालियों की सफाई की अब तक शुरुआत ही नहीं हुई है। ऐसे में एक बार फिर शहर वासियों के समक्ष घर में पानी घुसने जैसी दुश्वारियों की आशंका है। शासन के निर्देश के बाद भी शहर में नालों की सफाई को लेकर नगर पालिका की ओर से कोई इंतजाम नहीं किया गया है।
बारिश के मौसम में शहर में जलभराव की समस्या से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नाले-नालियों से गंदे पानी की निकासी का समुचित प्रबंध न होना इसका प्रमुख कारण है। शहर से गंदे पानी की जल निकासी के लिए तीन प्रमुख नाले हैं। हथियानाला से शहर के पूर्वी छोर का पानी निकलता है। गंदानाला से शहर के मध्य क्षेत्र के गंदे पानी की निकासी होती है और गभडिय़ा नाले से शहर के पश्चिमी क्षेत्र का पानी निकलता है। तीनों नालों का पानी गोमती नदी की ओर जाता है। इन प्रमुख नालों में शहर के 25 वार्ड की नालियों को लिंकअप किया गया है।
पुराने नाले में नगर पालिका की ओर से नियमित सफाई न कराए जाने से यहां पर कचरा जमा हो गया है। बरसात के समय में नाले के आस-पास रहने वाले लोगों के लिए अत्यंत खराब स्थिति उत्पन्न हो जाती है। कचरों की सफाई न होने से नाले के पानी में हल्की बारिश होते ही उफान आ जाता है। नाले का पानी लोगों के घरों में घुस जाता है। मानसून करीब देख शासन की ओर से नालों की सफाई का निर्देश जारी किया गया है। हालांकि अभी तक शहर में एक भी नाले की सफाई की शुरुआत नहीं हुई है।