बीते 15 अगस्त से क्षेत्र में शुरू हुई तेज बारिश से मालती नदी व पैंगा ड्रेन उफान पर आ गया। पानी का जल स्तर बढ़ने से अमेठी के गांव महमदपुर समेत सात पुरवों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। बारिश का पानी लोगों के घरों तक घुस गया था। बुधवार से बारिश कम होने से दोनों नदियों का जल स्तर कुछ घटा है।
इससे लगातार गांवों में घुस रहा पानी कम हुआ है लेकिन लोगों की समस्या बरकरार है। जल स्तर कम होने से बृहस्पतिवार को कुछ लोगों ने राहत की सांस ली लेकिन महमदपुर के चौबेपुर व हुलासी का पुरवा में बारिश का पानी लोगों के दरवाजे तक जमा रहा। पैंगा ड्रेन के किनारे वाले घरों में पानी भरा है। लोग घर छोडक़र दूसरे के घरों में रह रहे हैं। गांव में पानी जमा होने से संक्रामक बीमारियों ने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं।
इन पुरवों में अधिकतर लोग बुखार से पीड़ित हैं। रास्तों में पानी भरा होने से अधिकतर लोग बाहर नहीं जा पा रहे हैं। बुधवार को एसडीएम अशोक कनौजिया के निर्देश बावजूद बृहस्पतिवार देर शाम तक स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों-कर्मचारियों ने इन गांवों तक जाना मुनासिब नहीं समझा। बुधवार को नायब तहसीलदार ने गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
बृहस्पतिवार को तहसीलदार राम कुमार भी राजस्व टीम के साथ प्रभावित गांवों में पहुंचे। उन परिवारों से मिले जिनके घर बारिश से गिर गए थे। तहसीलदार ने पीड़ितों को अविलंब सहायता राशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। डीएम चंद्रकांत पांडेय ने कहा कि गांव में भरे पानी को बाहर निकालने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य टीम को गांवों में भेजा जाएगा।