सुल्तानपुर। रेलवे स्टेशन के पास स्थित उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन कार्यालय के सामने रविवार को एनपीएस निजीकरण भारत छोड़ो जनसंवाद कार्यक्रम हुआ। इसमें रेल कर्मियों ने पुरानी पेंशन बहाली, रेलवे में नई भर्ती शुरू करने के साथ ही लगातार हो रहे ट्रेन हादसे के लिए सरकार की निजीकरण नीति को जिम्मेदार ठहराया।
फ्रंट अगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे संबद्ध नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के तत्वावधान में एनपीएस निजीकरण भारत छोड़ो जनसंवाद कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि वाराणसी से आए इंडियन रेलवे इंप्लाइज फेडरेशन के अतिरिक्त महासचिव राजेंद्र पाल ने कहा कि वर्षों के संघर्ष के बाद सरकारी कर्मचारियों का सबसे बड़ा मुद्दा एनपीएस है। हमें एनपीएस में संशोधन नहीं, बल्कि पुरानी पेंशन ही चाहिए। इलाहाबाद से आए मुख्य वक्ता डॉ. कमल उसरी ने कहा कि लगातार हो रही जनता की सवारी भारतीय रेलवे की दुर्घटना बहुत ही दुखद है। रेल दुर्घटनाओं के लिए पूर्णतया जिम्मेदार सरकार की रेलवे को निजी हाथों में सौंपने की नीति है।
नॉर्दन रेलवे इंप्लाइज यूनियन के लखनऊ मंडल मंत्री व स्थानीय जंक्शन पर कार्यरत लोको पायलट तुलसीराम यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली सरकारी कर्मचारियों का सबसे बड़ा मुद्दा है। पुरानी पेंशन बहाली के संघर्ष को और मजबूत करेंगे। ड्राइवरों की कमी है। तत्काल रेलवे में नई भर्ती शुरू की जाए। इस मौके पर नॉर्दन रेलवे इंप्लाइज यूनियन के शाखा मंत्री पवन यादव, शाखा अध्यक्ष अमित केसरी, कोषाध्यक्ष दीपक यादव, ओबीसी के शाखा मंत्री केके मौर्य, अटेवा जिलाध्यक्ष अशोक सिंह गौरा, एसबी सिंह व रंजीत कुमार आदि मौजूद रहे।