विजेंद्र द्विवेदी
सुल्तानपुर। कांग्रेस दस साल से केंद्र की सत्ता से बाहर है। यूपी में जनाधार बेहद कमजोर है और सुल्तानपुर आने की वजह भी एक अदालती केस था। बावजूद इसके कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के चेहरे पर शिकन नजर नहीं आई। वे बिल्कुल बेफिक्र नजर आए। मुस्कराते हुए कोर्ट पहुंचे और जब बाहर निकलने पर भाजपाइयों ने जय श्रीराम के नारे लगाए तो बिना कुछ बोले मुस्कुराते हुए चल दिए। हालांकि कांग्रेसियों ने जरूर जय सीताराम का नारा लगाकर जवाब दिया।
जिस अमेठी सीट से राहुल गांधी पहले सांसद हुआ करते थे, उसके 29 गांव अभी भी सुल्तानपुर जिले में शामिल हैं। इसके बावजूद राहुल गांधी बीते पांच साल से सुल्तानपुर नहीं आए थे। वे आखिरी बार वर्ष 2019 में चुनाव प्रचार के दौरान ही यहां नजर आए थे। ऐसे में कांग्रेसियों में उनके आगमन को लेकर खासा जोश था। सुबह ठीक 11:05 बजे राहुल गांधी का वाहन दीवानी न्यायालय पहुंचा तो जोश में कांग्रेस कार्यकर्ता नारे लगाने लगे। राहुल ने उन्हें देखकर हाथ हिलाकर अभिवादन किया और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ कोर्ट की ओर चल पड़े।
कड़ी सुरक्षा के घेरे में राहुल गांधी अपने करीबियों से ही बातचीत करते दिखे। कोर्ट से लेकर बाहर तक राहुल के चेहरे के भाव तटस्थ ही बने रहे और वे कहीं से भी चिंतित नजर नहीं आए। उत्साहित कांग्रेसियों ने उनके वाहन पर गुलाब के फूल बरसाए। महज 15 मिनट में अदालती कार्रवाई निपटने के बाद राहुल गांधी बाहर निकल आए। (संवाद)
आनन-फानन लगे राहुल के पोस्टर
राहुल गांधी के आने की जानकारी पाकर कांग्रेसियों ने रातोंरात दीवानी न्यायालय के आसपास पोस्टर लगा दिया। राहुल गांधी के कोर्ट पहुंचने से पहले रामपुर खास विधायक अराधना मोना मिश्रा अदालत पहुंचीं तो उत्साही कांग्रेसियों ने उनसे प्रमोद तिवारी को सुल्तानपुर भेजने की मांग कर डाली। हालांकि, विधायक इसे सुनकर मुस्कुरा कर आगे निकल गईं और कोई जवाब नहीं दिया।
पूर्व सीएम के पुत्र ने ली जमानत
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की जमानत दो लोगों ने ली। इसमें से एक पूर्व मुख्यमंत्री श्रीपति मिश्र के पुत्र प्रमोद मिश्र हैं तो दूसरे गांधी परिवार के नजदीकी कहे जाने वाले राष्ट्रीय सचिव बीपी सिंह हैं।