टांडा-बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण होने के बाद सड़क किनारे बसे गांवों में जलनिकासी की समस्या उत्पन्न हो गई है। तमाम शिकायतों के बावजूद समस्या का निस्तारण नहीं होने से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा।
सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण सड़क पर आ गए। ग्रामीणों ने गड़ौली गांव के पास टांडा-बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब पांच घंटे तक रोड जाम रहने से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार महात्मा सिंह ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।
राष्ट्रीय राजमार्ग- 232 ( टांडा-बांदा) का निर्माण कार्य लगभग पूरा होने को है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग को गांव व बाजारों के पास काफी ऊंचा कर दिया गया है। राजमार्ग की ऊंचाई बढ़ जाने से सड़क किनारे पड़ने वाले गांवों में जलनिकासी की समस्या उत्पन्न हो गई है। सोमवार को भोर में पीढ़ी व आसपास के गांवों में काफी तेज बारिश हुई। बरसात से कई गांवों में जलभराव हो गया। बरसात का पानी कई घरों में घुसने लगा।
इससे नाराज कई गांव के ग्रामीण सड़क पर उतर आए और गड़ौली-डफलपुर गांव के पास बांस-बल्ली व रस्सी के सहारे राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार महात्मा सिंह ने जाम को खुलवाने का काफी प्रयास किया लेकिन ग्रामीण एनएच से जुड़े अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। राष्ट्रीय राजमार्ग के केके झा व तहसीलदार ने ग्रामीणों को एक सप्ताह के भीतर जलनिकासी की समस्या को दूर कराए जाने का आश्वासन दिया तब जाकर ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और जाम को हटाया।
सोमवार सुबह सात से 12 बजे तक राष्ट्रीय राजमार्ग जाम रहने से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस दौरान जाम में फंसे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। राहगीरों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी विलंब हुआ। जाम खुलने के बाद यातायात बहाल कराने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी।