फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमेठी के सरैया दुबान में बनेगा वृहद गो-सरंक्षण केंद्र

विज्ञापन
विज्ञापन
गौरीगंज (अमेठी)। किसानों को छुट्टा पशुओं से निजात दिलाने के लिए अमेठी के सरैया दुबान में वृहद गो-संरक्षण केंद्र बनेगा। शासन के निर्देश पर राजस्व विभाग ने भूमि चिह्नित कर पशुपालन विभाग के नाम दर्ज कर दी। भूमि दर्ज होने के बाद शासन ने निर्माण के लिए 1.20 करोड़ रुपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति देते हुए उत्तर प्रदेश सहकारी निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया है।
विज्ञापन

धन आवंटन के बाद पशुपालन विभाग ने निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए दिसंबर माह की समय सीमा तय की है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आश्रय केंद्र में 400 गोवंशों को सुरक्षित आशियाना मिलेगा। छुट्टा गोवंशों से निजात दिलाने के लिए वित्तीय वर्ष 2019-20 में अमेठी तहसील के सरैया दुबान गांव में वृहद गो-संरक्षण केंद्र का निर्माण होगा।
इसके लिए पिछले दिनों शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन व राजस्व विभाग ने सरैया दुबान स्थित सरकारी भूमि गाटा संख्या 531 (2.14 हेक्टयर भूमि) का पुनर्ग्रहण करते हुए पशुपालन विभाग के नाम दर्ज किया है।
विज्ञापन

भूमि दर्ज होने के बाद पशुपालन विभाग की ओर से तैयार किए गए 1.20 करोड़ के अनुमानित आगणन को शासन ने वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति देते हुए उत्तर प्रदेश सहकारी निर्माण संघ शाखा सुल्तानपुर को कार्यदायी संस्था नामित किया है।
कार्यदायी संस्था नामित होने व धन आवंटन के बाद पशुपालन विभाग ने निर्माण कार्य पूरा करने की समय सीमा दिसंबर माह तय करते हुए गुणवत्ता पूर्ण ढंग से निर्माण कार्य पूरा करने का आदेश दिया है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद 400 गोवंशों को जहां सुरक्षित आशियाना मिलेगा वहीं क्षेत्र के किसानों को फसल नष्ट होने की चिंता से मुक्ति मिलेगी।
वृहद गो-संरक्षण केंद्र में यह होगा निर्माण
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रमेशचंद्र पाठक ने बताया कि सरैया दुबान गांव में निर्मित होने वाले वृहद गो-संरक्षण केंद्र में चार टिनशेड, तीन चरही, एक सबमर्सिबल, तार की बाउंड्रीवाल, भूसा गोदाम, दवा/ औषधि/ कार्यालय कक्ष, चौकीदार कक्ष के साथ प्रसाधन व पेयजल की समुचित व्यवस्था का निर्माण होना है।
अब तक 30 संरक्षण केंद्र हो रहे संचालित
सीवीओ डॉ. रमेश चंद्र पाठक ने बताया कि अब तक जिले में नवादा किशुनगढ़ में वृहद गो-संरक्षण केंद्र के साथ ही दो पंजीकृत गोशाला व 24 अस्थाई गो-संरक्षण केंद्र संचालित हो रहे हैं। सीवीओ ने कहा कि जिले में 1,860 छुट्टा गोवंश चिह्नित किए गए हैं। इनमें 1,690 गोवंशों को संरक्षित किया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें