सुल्तानपुर। आजादी के आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर शुक्रवार को विभिन्न संगठनों ने शहर में प्रभातफेरी निकाली। लोगों ने आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कई स्थानों पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
आजाद समाज सेवा समिति के तत्वावधान में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर शहर में प्रभात फेरी निकाल कर सभी शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी करतार केशव यादव ने कहा कि आजाद समाज सेवा समिति ने शहीद चंद्रशेखर आजाद का जन्म दिवस मनाकर अंधेरे में उजाले लाने का काम किया है।
आने वाली पीढ़ियों के लिए यह बड़ा ही प्रेरणादायी और पुण्य का कार्य है। अध्यक्ष अशोक सिंह ने बताया कि क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर अजाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को हुआ था। मात्र 24 साल सात माह चार दिन की जिंदगी में उन्होंने आजादी का मतलब समझा कर देश को आजाद कराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी।
संस्था के महामंत्री शराफत खान ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन के दौरान वाराणसी में आजाद को कोर्ट में जज के सामने पेश किया गया था।
पूछने पर चंद्रशेखर आजाद ने अपना नाम आजाद, पिता का नाम स्वतंत्रता और निवास जेलखाना बताए जाने पर उन्हें 15 बेतों की सजा मिली थी। इस मौके पर डॉ. आशीष द्विवेदी, ओमप्रकाश, श्याम नारायण पांडेय, मो. अहमद, मकसूद अंसारी, दिलीप सिंह, अजय सिंह, राजनारायण सिंह, आरपी सिंह, विजय यादव, विनोद रावत, अनिल मिश्रा, अशोक तिवारी, सुमित यादव, विद्या प्रकाश शुक्ला, प्रभात मालवीय समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
उधर, छात्र संगठन एसएफआई और भारत की जनवादी नवजवान सभा ने अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के जन्मदिन व रानी झांसी रेजिमेंट की कैप्टन लक्ष्मी सहगल की स्मृति दिवस पर प्रभात फेरी निकाली। शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण के बाद आयोजित गोष्ठी में एसएफआई के प्रदेश अध्यक्ष विवेक विक्रम सिंह ने कहा कि क्रांतिकारियों की कुर्बानी को हम किसी भी तरह से बर्बाद नहीं होने देंगे।
उनके सपनों का भारत बनाने के लिए एसएफआई हमेशा संघर्ष करती रहेगी। भारत की जनवादी नवजवान सभा के जिला उपाध्यक्ष शशांक पांडेय ने कहा कि आज के समय में कैप्टन लक्ष्मी सहगल जैसी महान शख्सियत को याद करना व उनके विचारों को आत्मसात करना जरूरी है।
हमारे पूर्वज जब देश की आजादी के लिए अपनी जान की बाजी लगा रहे थे, तब आज के समय में सत्ता में बैठे और देशप्रेम का दम भरने वाले लोगों के पूर्वज अंग्रेजों का साथ दे रहे थे। इस मौके पर एसएफआई के जिलाध्यक्ष सैफ हामिद अली, जिला सचिव सौरभ मिश्र, प्रशांत पांडेय, राजगुरु, सोनू, हसनैन, विशाल श्रीवास्तव, अभिषेक कुमार, अजय तिवारी, अनवर, सचिन सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।