अमहट में निकाला गया जुलूस, मजलिस
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करबला के शहीदों की याद में मंगलवार को शहर से सटे अमहट में जुलूस निकाला गया। अंजुमन-ए-असगरिया कदीम के तत्वावधान में हुसैनिया नौतामीर अमहट में आयोजित मजलिस को मौलानाओं ने खेताब किया। जुलूस में शामिल अंजुमनों ने नौहा मातम किया।
हुसैनिया नौतामीर अमहट में आयोजित मजलिस को मौलाना असकरी खान ने खेताब किया। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन अलैह की शहादत के बाद उनके घर वालों को एक साल तक कैद में रखा गया था। इसमें इमाम हुसैन अलैह की चार साल की बच्ची सकीना भी थी। कैदखाने में सकीना की मौत हो गई। एक साल के बाद कैदियों को रिहा किया गया। तब कैदियों का काफिला करबला पहुंच गम मनाया और शहीदों की याद में जुलूस निकाला।
सोमवार को हजरत इमाम हुसैन अलैह व उनकी बेटी सकीना की याद में हुसैनिया नौतामीर अमहट से जुलूस निकाला गया। यह जुलूस अमहट चौराहे से होते हुए रायबरेली रोड पर स्थित करबला पहुंच समाप्त हो गया। जुलूस में सबसे आगे अलम, उसके पीछे ऊंटों पर अमारियां लदी थीं। इस दौरान जुलूस में शामिल अंजुमनों ने नौहा मातम भी किया। जुलूस में शामिल अंजुमनों के लिए जगह-जगह चाय-पानी के इंतजाम किए गए थे।
मौलाना जीशान आजमी, मौलाना नदीम रजा फैजाबाद, मो. आसिफ, मौलाना मो. हुसैन, कल्बे हसनैन, मौलाना नकी रजा व मौलाना कल्बे अब्बास ने जुलूस में तकरीर की। जुलूस के सकुशल संपन्न होने के बाद हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हैदर अब्बास खां व मौलाना असकरी खान ने पुलिस प्रशासन का आभार जताया।