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डाटा अपलोड नहीं करने वाले प्रधानाध्यापकों का रुकेगा वेतन

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सुल्तानपुर। कोरोना संक्रमण की वजह से लगाए गए लॉकडाउन अवधि का एमडीएम कन्वर्जन कॉस्ट की डीबीटी तथा खाद्यान्न वितरण के लिए शासन ने निर्देश दिए थे। साथ ही लाभार्थियों का डाटा प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया था।
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बार-बार निर्देश के बावजूद भी कई प्रधानाध्यापकों की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों को पत्र भेजकर पांच जुलाई तक पोर्टल पर डाटा अपलोड नहीं करने वाले शिक्षकों का वेतन रोकने का निर्देश दिया है।
कोरोना संक्रमण की वजह से पहले लॉकडाउन में 76 दिवस (माह अप्रैल से जून 2020 तक), दूसरी बार 49 दिवस (माह जुलाई और अगस्त 2020 तक) तथा तीसरी बार 138/124 दिवस (माह सितंबर 2020 से फरवरी 2021 तक) की कन्वर्जन कॉस्ट तथा खाद्यान्न वितरण कराने का निर्देश शासन ने दिया था।
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कई प्रधानाध्यापकों की ओर से कन्वर्जन कॉस्ट और खाद्यान्न वितरण से लाभान्वित कराने के बाद प्रेरणा पोर्टल पर लाभार्थियों का शत-प्रतिशत डाटा अपलोड नहीं कराया गया।
बीएसए दीवान सिंह यादव ने अंतिम चेतावनी देते हुए पांच जुलाई तक प्रेरणा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने और शत-प्रतिशत लाभार्थियों का डाटा अपलोड कराने का निर्देश दिया है। इसके बाद भी यदि प्रधानाध्यापकों की ओर से यह कार्य नहीं किया जाता है तो कार्रवाई होगी।
बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों से ऐसे लापरवाह प्रधानाध्यापकों की सूची बनाते हुए वेतन रोकने की संस्तुति करने का निर्देश दिया है।
होगी कार्रवाई
महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से प्रेरणा पोर्टल पर लाभार्थियों का सौ फीसदी डाटा अपलोड कराने का सख्त निर्देश दिया गया है। बावजूद इसके यदि लापरवाही बरती जाती है तो संबंधित प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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- दीवान सिंह यादव, बीएसए।
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