सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा 18 फरवरी से शुरू हो रही हैं। विद्यार्थी भी परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को मॉडल पेपर के बजाय अध्यापकों के पढ़ाए पाठ्यक्रम से ही तैयारी करने की सलाह दी है। उनकी राय है कि बाजार में बिक रहे मॉडल पेपर पर विद्यार्थी भरोसा न करें। यह परिणाम खराब कर सकते हैं।
राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मनोज कुमार तिवारी बताते हैं कि परीक्षा में साढ़े तीन माह का समय है, ऐसे में पाठ्यक्रम के आधार पर तैयारी करना बेहतर है। पाठ्यक्रम से तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने की संभावना अधिक होती है। बाजार में बिक रहे कई मॉडल पेपर फर्जी हैं। मॉडल पेपरों को भले ही आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया हो, लेकिन इन पर निर्भरता विद्यार्थियों का नुकसान पहुंचा सकती है। जीजीआईसी के प्रवक्ता डॉ. शैलेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि छात्रों को सही तैयारी के लिए पूरी तरह से पाठ्यक्रम पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। परीक्षा की तैयारी के लिए समय प्रबंधन और नियमित अभ्यास महत्वपूर्ण है। बाजार में बिकने वाले मॉडल पेपरों में विश्वसनीयता नहीं होती है। गलत प्रश्नों के साथ परीक्षा के पैटर्न की भी अनदेखी की जाती है। छात्र परीक्षा से पहले केवल पाठ्यक्रम और किताबों में दिए गए मॉडल पेपरों पर ध्यान दें।
इन बातों का रखें ध्यान
मॉडल पेपरों से छात्रों को सतर्क रहना चाहिए, पाठ्यक्रम से ही पढ़ाई करें।
लिखकर प्रैक्टिस करें, इससे परीक्षा देते समय याद रहेगा।
लगातार लंबे समय तक न पढ़ने बैठें, गैप लेकर पढ़ाई करें।